पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू।
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पंजाब में कोरोना के बीच शहरी क्षेत्रों में डेंगू ने दस्तक दे दी है। डेंगू के 80 फीसदी मामले शहरों में सामने आए हैं। शहरों में बढ़ रहे डेंगू के मामलों को लेकर गुरुवार को स्टेट टास्क फोर्स की बैठक बुलाई, जिसमें उन्होंने डेंगू रोकथाम के उपायों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही शहरी क्षेत्रों में जलभराव वाले स्थानों पर कीटनाशक छिड़काव करने को भी कहा।
बैठक में उन्होंने कहा कि परिवहन और रोडवेज विभाग यह सुनिश्चित कर सकता है कि फेंके गए टायरों का निपटारा किया जाए या उनको सही ढंग से स्टोर किया जाए, जिससे यह टायर मच्छरों के प्रजनन वाली जगह न बनें। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान विभाग को हिदायत की है कि सभी मेडिकल कॉलेजों में एक अलग डेंगू वार्ड की स्थापना करें और ब्लड बैंक में खून का उचित मात्रा में भंडारण का आदेश भी दिया।
डेंगू के अधिकांश मामले प्रवासी आबादी से सामने आए हैं। सिद्धू ने बताया कि राज्य में साल 2020 में डेंगू के 8345 केस आए थे और 22 मौतें हुई थीं। मौजूदा साल के दौरान 20 जुलाई तक डेंगू के कुल 72 मामले सामने आ चुके हैं। डेंगू के कारण किसी की मौत होने की खबर नहीं है और पिछले दो सालों से राज्य में कोई भी चिकनगुनिया का केस सामने नहीं आया है।
पंजाब में कोरोना संक्रमण से दो की मौत
पंजाब में कोरोना से गुरुवार को दो संक्रमितों की मौत हो गई। संक्रमण के 69 नए मामले सामने आए हैं। अब तक पंजाब में 16250 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। राज्य की संक्रमण दर 0.19 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पंजाब में अब तक 11792233 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं, जिनमें 598590 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। 13 संक्रमितों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। गुरुवार को बठिंडा और कपूरथला में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। ब्लैक फंगस के तीन नए मामले सामने आए हैं।