आप ने बताया सम्मानित नेता
आम आदमी पार्टी ने कहा कि सुनील जाखड़ कांग्रेस पार्टी की समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाली राजनीति का शिकार हुए हैं। आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि सुनील जाखड़ बेहद सम्मानित नेता हैं। पंजाब की राजनीति में उनका एक स्थान है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से ही पूरे देश में जाति और धर्म की राजनीति की है और लोगों को जातीय व धार्मिक आधार पर बांटकर सत्ता प्राप्त करने की हर संभव कोशिश की। समाज को ऊंच-नीच, जाति-धर्म में बांटना ही कांग्रेस की मुख्य राजनीति रही है। आज सुनील जाखड़ को कांग्रेस की इसी घटिया राजनीति का खामियाजा भुगतना पड़ा है।
भाजपा ने दिया न्यौता
कांग्रेस से इस्तीफे के बाद पूर्व विधायक फतेहजंग बाजवा ने सुनील जाखड़ को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का न्यौता दिया है। उन्होंने जाखड़ को पंजाब का बड़ा नेता बताते हुए कहा कि कमजोर नेतृत्व के कारण उन्हें यह सब झेलना पड़ा। उन्होंने कहा कि जाखड़ के इस्तीफे के बाद अब पंजाब में कांग्रेस के लिए खतरा और बढ़ गया है।
रंधावा बोले- मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने का था उन्हें मलाल
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तंज कसते हुए कहा कि जाखड़ मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज थे इसलिए उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया। हालांकि यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों ने जाखड़ को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है। ढिल्लों ने कहा है कि उन्होंने कांग्रेस को 50 साल दिए हैं।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा ने उनके इस्तीफे को लेकर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से कुपित थे। पद के लिए उनका इस्तीफा देना शर्मनाक है। जाखड़ के पार्टी में 50 साल के कार्यकाल के दौरान हाईकमान ने उन्हें बड़े पदों से नवाजा लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जिस थाली में खाया उसी में छेद किया।
कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ट्वीट कर कहा कि सुनील जाखड़ द्वारा पार्टी नेताओं के खिलाफ आरोप लगाना दुखद है। उन्हें इस्तीफा देने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए था। उन्होंने हरीश रावत को सही ठहराते हुए कहा कि जाखड़ के बयान से हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी को काफी नुकसान उठाना पड़ा।