अग्निपथ योजना के खिलाफ चल रहे आंदोलन और भारत बंद के आह्वान को देखते हुए पंजाब पुलिस अलर्ट पर है। एडीजीपी (कानून व्यवस्था) ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से जुटाया जा रहा है। यही वजह है कि सोशल मीडिया सेल को सक्रिय करने और सोशल मीडिया ग्रुपों की गतिविधियों की निगरानी करने की आवश्यकता है। इसके अलावा यह पता चला है कि निहित स्वार्थ वाले कुछ संगठन इस आंदोलन का समर्थन कर सकते हैं।
स्थानीय पुलिस स्थिति की बहुत बारीकी से निगरानी करे और क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त कार्रवाई करे। एडीजीपी ने केंद्र सरकार के विभागों से संबंधित कार्यालयों और प्रतिष्ठानों की कड़ी सुरक्षा करने का निर्देश जारी किया है। इसके साथ ही रेलवे संपत्ति और रेलवे प्रतिष्ठानों की रक्षा करने और पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ के बीच समन्वय करने का निर्देश दिया है।
प्रदेश में स्थापित सेना भर्ती केंद्र और अन्य प्रतिष्ठान की सुरक्षा पर खास ध्यान देने को कहा गया है। बंद के दौरान भाजपा से संबंधित कार्यालयों, हिंदू नेताओं और इसी तरह के अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश हैं कि अगर कोई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाता है तो स्थानीय पुलिस धारा 152 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई कर सकती है।
यहां नहीं दिखा बंद का असर
पठानकोट में बंद का कोई असर नहीं देखने को मिला। तरनतारन में भी बंद बेअसर रहा है। सभी बाजार आम दिनों की तरह खुले हैं। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड के आस-पास पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई है। फरीदकोट जिले में बंद का कोई असर नहीं है लेकिन पुलिस हाई अलर्ट पर रही। जिला पुलिस ने जीआरपी व आरपीएफ के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर चौकसी रखी और रेलगाड़ियों की तलाशी ली। वहीं कुछ संगठनों ने डीसी दफ्तर के समक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ रोष धरना दिया और शहर में रोष मार्च निकाल कर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। पटियाला, मुक्तसर, सुनाम में भी बंद बेअसर रहा है। लुधियाना में रेलवे स्टेशन समेत तमाम स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रही मगर बंद पूरी तरह से बेअसर रहा है।
अमृतसर में नहीं दिखा बंद का असर
अमृतसर में बंद का कोई असर दिखाई नहीं दिया। पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ हाई अलर्ट पर रही। जीआरपी और आरपीएफ ने रेलवे स्टेशन पर अभियान चला कर यात्रियों चेकिंग की और रेलगाड़ियों के डिब्बों में भी सर्च अभियान चलाया। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर आवाजाही सामान्य रही।
पूर्व सैनिक वेलफेयर यूनियन के गुरदीप सिंह ने बताया जैसे कृषि कानूनों को समझाने में लंबा समय लग गया था, इसी तरह लोगों को अग्निपथ योजना समझने में समय लगेगा और प्रदर्शन बढ़ते जाएंगे। दिल्ली जंतर-मंतर पर लोगों का रोष प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अग्निपथ योजना के खिलाफ यह आंदोलन किसान आंदोलन से भी बढ़ा होगा और ऑल इंडिया की यूनियन मोदी सरकार को कानून वापस करने पर मजबूर करेंगी। सेना के एक्स-सर्विसमैन यूनियन के सदस्यों ने भंडारी पुल पर रोष प्रदर्शन किया और डीसी दफ्तर तक रोष मार्च निकाल कर ज्ञापन सौंपा।
रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बेहद सख्त
सोमवार को जालंधर रेलवे स्टेशन पर भारी सुरक्षा रही। डीसीपी जगमोहन सिंह ने कहा कि हमारे पास पर्याप्त बल है। हमारे अपने शहरी बल का 80 फीसदी प्रतिनियुक्त है। इसके अलावा, हमारे पास रैपिड एक्शन फोर्स और पंजाब सशस्त्र पुलिस भी है। अमृतसर रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बेहद सख्त रही। प्लेटफार्म, ट्रैक और प्रविष्टियों की निगरानी की जा रही है। आरपीएफ, जीआरपी और रेलवे की खुफिया जानकारी के साथ समन्वय कर रहे हैं कि कोई भी शरारती तत्व कुछ न करें और यात्रियों को कोई समस्या न हो। जालंधर पुलिस ने 18 जून को अग्निपथ भर्ती योजना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 283 आईपीसी और धारा 8 बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की।