पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मुक्तसर व शिअद प्रमुख सुखबीर बादल ने गुरदासपुर में कार्यकर्ताओं की मीटिंग ली और कहा कि किसानी और पंजाब को बचाने के लिए छेड़ी गई इस लड़ाई को अंतिम दम तक लड़ा जाएगा।
रेल रोको आंदोलन पांचवें दिन भी जारी
अमृतसर में किसानों का रेल रोको आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। कस्बा जंडियाला के गांव देवीदासपुर के अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर जमे किसानों ने धरने को दो अक्तूबर तक बढ़ा दिया गया है। यह जानकारी किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने दी।
फिरोजपुर में रेल पटरी पर बैठीं किसान जत्थेबंदियों ने आंदोलन को दो अक्तूबर तक बढ़ाने का एलान करते हुए चेतावनी दी है कि अब उनका संघर्ष और तेज होगा। बटाला में किसानों के समर्थन में कई पंजाबी कलाकार उतर आए हैं तो फरीदकोट के गांव दीप सिंह वाला में किरती किसान यूनियन ने भाजपा नेताओं के गांव में घुसने पर पाबंदी वाले बैनर लगा दिए हैं।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेता शिंगारा सिंह मान ने कहा कि कृषि कानून पूरी तरह किसान विरोधी हैं, इसके खिलाफ बड़ा संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि छोटा किसान अपनी मंडी के बाहर फसल बेचने कैसे जाएगा, जबकि वह अपनी जमीन में फसल लगाने के लिए कर्ज तक उठाता है। ऐसे में छोटे किसान के पास जिले से बाहर जाकर फसल बेचना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसानों को आखिरी उम्मीद राष्ट्रपति से थी लेकिन राष्ट्रपति ने भी किसानों को नहीं समझा। यह कानून सिर्फ बडे़ घरानों को लाभ पहुंचाने के मकसद से बनाया गया, जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेंगे।
उच्चतम न्यायालय जाएगी पंजाब सरकार
पंजाब सरकार नए कृषि कानूनों के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने जा रही है। कृषि राज्य का विषय है लेकिन केंद्र सरकार ने नया कृषि कानून लाकर राज्य के अधिकारों को छीनने की कोशिश की है। कैप्टन अमरिंदर सिंह, मुख्यमंत्री, पंजाब
पहले पंजाब को कृषि बाजार घोषित करने वाला अध्यादेश जारी करें कैप्टन
पंजाब में केंद्र के कृषि कानूनों को अमान्य करने के कृषि बाजार घोषित करने वाला अध्यादेश जारी करने के बाद ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को शहीद भगत सिंह की जन्मस्थली खटकड़ कलां जाना चाहिए था। सुखबीर बादल, अध्यक्ष, शिअद