बता दें कि जब सैनी चंडीगढ़ के एसएसपी थे तो वर्ष-1991 में उन पर आतंकी हमला हुआ था। इस दौरान उनके सुरक्षा दस्ते में शामिल तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि उनका बचाव हो गया था। इसके बाद उन्होंने बलवंत सिंह मुल्तानी जो कि सिटको में इंजीनियर थे, उन्हें उनके मोहाली में फेज-7 स्थित घर से जबरदस्ती उठा लिया गया था। इसके बाद से वह अपने घर वापस नहीं लौटे थे।
सरकारी गवाहों के बयान पर आधारित थे सवाल
जानकारी के मुताबिक पूर्व डीजीपी सैनी से बलवंत मुल्तानी के अगवा करने से लेकर हत्या तक एसआईटी ने सवाल किए। यह सभी सवाल सरकारी गवाहों द्वारा दिए गए बयान पर आधारित थे। क्योंकि यह मामला करीब 29 साल पुराना है। ऐसे में जो रिकार्ड और गवाहों के बयान पुलिस के पास हैं, उसी आधार पर पूछताछ की गई। हालांकि सूत्रों की मानें तो मामला पुराना हो चुका है। ऐसे में कई सवाल तो सैनी को भी चौंकाने वाले लगे थे। सीबीआई से पंजाब पुलिस को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।
काले कोट, पैंट और 10 कर्मचारियों की सुरक्षा में पहुंचे थाने
पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी सोमवार को तय समय से पांच मिनट पहले मटौर थाने के बाहर पहुंचे। उनके काफिले में तीन गाड़ियां थीं और वह खुद सफेद इनोवा में सवार थे। उनके सुरक्षा स्टाफ ने दरवाजा खोला, इसके बाद वह कार से निकले। उन्होंने काला कोट-पैंट और सफेद शर्ट पहनी थी। वहीं, चेहरे को रुमाल से कवर किया था। मीडिया ने उनसे सवाल किया तो वह जवाब देने के बजाय हाथ हिलाते हुए थाने में चले गए। बता दें कि उनकी सुरक्षा में जेड प्लस काफिले में 26 कर्मचारी हैं, लेकिन 10 ही उनके साथ आए थे।
पूर्व डीजीपी सैनी से पुलिस ने छह घंटे सवाल-जवाब किए हैं। हालांकि इस मामले में एसआईटी में शामिल अधिकारी कुछ भी बताने से बचते रहे। लेकिन सूत्रों के अनुसार सैनी ने एसआईटी को साफ किया है कि वह इस मामले में शामिल नहीं है। हालांकि जो आरोपी सरकारी गवाह बने हैं। उनके बयानों पर आधारित सवाल सैनी से पूछे गए। यह सवाल इसलिए भी अहम है। क्योंकि उस समय वह केस की जांच में शामिल थे। वहीं, सूत्रों की माने तो एसआईटी दोबारा उन्हें बुलाने की तैयारी में है।
इससे पहले भी इस मामले में पूर्व डीजीपी सैनी से पूछताछ हो चुकी है। यह पूछताछ सेक्टर-76 स्थित एसएसपी ऑफिस में हुई थी। उस समय भी एसएसपी ऑफिस के अंदर किसी को जाने नहीं दिया गया थी। उस दौरान करीब 90 मिनट में 120 सवाल पूछे गए थे। यह मामला मई 2020 को मटौर थाने में दर्ज किया गया था।