पंजाब की नई सरकार खत्म करेगी वीआईपी कल्चर।
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पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का मानना है कि जितनी सुरक्षा व्यवस्था से उनका व अन्य नेताओं का काम चल सकता है, उतना ही सुरक्षा बेड़ा उनके पास रखा जाए। यह खुलासा सोमवार को उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें बिना वजह का सुरक्षा लाव-लश्कर लेकर नहीं चलना है। जितनी सुरक्षा से काम चल सकता है, उतने सुरक्षाकर्मी ही तैनात किए जाएंगे।
रंधावा ने यह भी खुलासा किया कि मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं और राज्य में अन्य लोगों को प्रदान की गई सुरक्षा की समीक्षा करने को भी कह दिया है। पंजाब भवन में प्रेसवार्ता के बाद सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ औपचारिक बैठक के लिए पहुंचे सुखजिंदर रंधावा ने बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के नेतृत्व में पंजाब सरकार वीआईपी कल्चर को भी पूरी तरह खत्म करेगी।
इस मामले में अब तक वीआईपी की तरह चलने वाले अधिकारियों को जनता के बीच जाने और उनकी समस्याएं सुनने का जिम्मा सौंपा जाएगा। रंधावा ने कहा कि इस सरकार को काम करने के लिए भले ही केवल 90 दिन का समय मिला है लेकिन मुख्यमंत्री इसके लिए उत्साहित हैं और ज्यादा से ज्यादा समय देकर प्रदेश की लंबित योजनाओं को मूर्तरूप दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी जब 2022 के चुनाव के लिए जनता के बीच जाएगी तो बड़े गर्व से लोगों से कह सकेगी कि पार्टी ने सभी वादे और काम पूरे करके दिखाए हैं।
उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री सरकार के कामकाज में कुछ इस तरह पारदर्शिता लाना चाहते हैं कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को साफ-साफ पता चले कि काम कैसे हो रहे हैं। मुख्यमंत्री और उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री ज्यादा से ज्यादा समय फील्ड में बिताएंगे। फिर भी अपने कार्यालयों में प्रत्येक सप्ताह विशेष समय तक बैठकर लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुलझाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि एक सिस्टम ऐसा भी तैयार किया जाएगा कि आम लोगों की शिकायतें व समस्याएं डिप्टी कमिश्नरों के जरिये सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई जाएंगी।