हरियाणा और पंजाब के बीच अब बाढ़ को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। पंजाब के सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने बाढ़ का ठीकरा हरियाणा पर फोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने हांसी-बुटाना नहर के नीचे घग्गर पर बने साइफनों की समय पर सफाई नहीं करवाई। यही कारण है कि पंजाब के गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने बुधवार को पटियाला जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित गावों का दौरा किया। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार को पहले ही साइफनों की सफाई करवानी चाहिए थी। अगर साइफन की सफाई कराई गई होती तो यह नौबत ना आती।
जौड़ामाजरा ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर पटियाला की डिप्टी कमिश्नर साक्षी साहनी को कैथल के डिप्टी कमिश्नर से बात करने को कहा है। जौड़ामाजरा ने समाना क्षेत्र के प्रभावित गांवों धरमेड़ी, घिउरा, कमासपुर, धनौरी, नवां गांव, बीबीपुर, गाजीसलार, राजला, ड्रौला, ड्रौली, भानरा, भानरी, मैण, सस्सा गुजरां, सस्सा थेह, मांगटां, समसपुर का दौरा किया और लोगों से बातचीत के बाद जिला प्रशासन को बचाव के लिए कश्तियों और अन्य राहत सामग्री भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वह जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील का पालन करें और सुरक्षित रहें। गुरुद्वारा श्री करहाली साहिब में रहने की व्यवस्था की गई है। जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
जौड़माजरा ने कहा कि पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण रोपड़, डेराबस्सी, राजपुरा, घनौर, सनौर, समाना, शुत्राणा, नाभा के अलावा संगरूर से गुजरने वाली घग्गर और अन्य नदियों में बेहिसाब पानी आने से भारी तबाही हुई है।