राज्य की नई औद्योगिक नीति पांच साल में पांच लाख करोड़ का निवेश, जीएसडीपी में सेकेंडरी सेक्टर का हिस्सा बढ़ाकर 30 प्रतिशत और तीसरे क्षेत्र का 62 प्रतिशत करने और कौशल के जरिये नौजवानों की रोजगार योग्यता को बढ़ाने समेत राज्य में रोजगार के मौके बढ़ाने में भी सहायक होगी। भगवंत मान ने कहा कि इसके तहत राज्य में कम से कम 15 औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।
निर्माण और सेवा उद्योग के अलग-अलग सेक्टरों में कम से कम एक ‘एंकर यूनिट’ होगी, जिससे उद्योगों को पांच साल के लिए किफायती और स्थिर दरों पर बिजली मुहैया करवाएगी जाएगी। सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा।
प्रमुख सचिव उद्योग एवं वाणिज्य दिलीप कुमार ने बताया कि औद्योगिक और व्यापारिक विकास नीति- 2022 को उद्योग जगत के नेताओं के सुझावों को ध्यान में रखकर अंतिम रूप दिया जाएगा। नई नीति 17 अक्तूबर, 2022 तक अधिसूचित की जानी है, इसलिए उद्योगपति 15 दिन के अंदर अपने सुझाव भेज दें।
पांच साल में शुरू होंगे एक हजार स्टार्टअप
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति के मसौदे में डिजिटल निर्माण, जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology), एग्रो और फूड प्रोसेसिंग और सूचना प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करते हुए प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए हरेक साल 10 क्लस्टरों का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। हर साल पांच क्लस्टरों में कॉमन फैसिलिटी केंद्रों की स्थापना करने के साथ उन्हें अपग्रेड किया जाएगा। इसी तरह राज्य में 10 प्रौद्योगिकी केंद्रों की स्थापना और अपग्रेड करने, पांच साल में एक हजार स्टार्टअप की सुविधा के अलावा राज्य में 10 इंक्यूबेशन केंद्रों/एक्सीलिरेटरों की स्थापना की सुविधा पर भी विचार किया गया है।