कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी पर पूरा जोर दिया। रोजाना सात से आठ घंटे पढ़ाई की। टीवी से वह दूर रहता था और मोबाइल तक उसके पास नहीं था। गौरीश ने सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। यहां तक कि वह पारिवारिक समागम तक में शामिल नहीं होता था। पिता कृष्ण गर्ग ने बताया कि अच्छा रैंक मिलने के चलते अब गौरीश का दाखिला आईआईटी मुंबई में कंप्यूटर साइंस में हो जाएगा, जिसे लेकर वह काफी उत्साहित है। अगले महीने गौरीश आईआईटी मुंबई ज्वाइन कर लेगा।
जेईई एडवांस में कृष्ण, गणेश व अनुष्का अव्वल
जेईई एडवांस में फिरोजपुर के डीसीएम स्कूल के विद्यार्थी कृष्ण गोयल ने देशभर में 2587 रैंक, गणेश तलवार ने 3264 रैंक और अनुष्का झा ने 5293 रैंक हासिल किया है। छात्र कृष्ण गोयल का कहना है कि वह कंप्यूटर साइंस में इंजीनियर बनना चाहता है। उन्होंने कहा कि इंजीनियर बनने की प्रेरणा बड़े भाई से मिली। बड़े भाई कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग कर रहे हैं।
गणेश तलवार ने बताया कि उसके पिता नवीन पेशे से बिजनेसमैन और माता रजनी गृहिणी है। गणेश ने बताया कि बचपन से ही कंप्यूटर काफी पसंद था और उसमें विभिन्न प्रोग्राम बनाने, कोडिंग में दिलचस्पी थी। स्कूल में भी कई बार विजटेक अवार्ड, रामानुजन अवार्ड मिल चुके हैं। गणेश ने बताया कि घर में वह पहला व्यक्ति है, जो इंजीनियर बनेगा। अनुष्का ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया और बताया कि परीक्षा के दौरान रोजाना 5-6 घंटे पढ़ती थी।
मृदुल गुप्ता ने हासिल की 144वीं रैंक
जालंधर के मृदुल गुप्ता ने देशभर से 144वीं रैंक हासिल की है। बस्ती दानिशमंदा के रहने वाले मृदुल गुप्ता का कहना है कि उन्होंने स्कूल के समय के अलावा रोजाना 12 से 14 घंटे तक पढ़ने का नियम शुरू से ही अपना रखा था। 10वीं कक्षा में दाखिल होते ही इंटरनेट मीडिया से पूरी तरह से दूरी बना ली थी। अधिक से अधिक मॉक टेस्ट पास करने और सवालों को लिखकर दोहराने से काफी मदद मिली है। मृदुल गुप्ता ने जेईई मेन्स में भी 99.952 पर्सेंटाइल अंक प्राप्त कर देशभर से 505वीं रैंक हासिल की थी। जालंधर के सार्थक कपूर ने जेईई एडवांस्ड में देशभर में 924वीं रैंक हासिल की। सार्थक कपूर व्यापारी समीर कपूर और एपीजे कॉलेज की प्रवक्ता पायल कपूर के बेटे हैं। सार्थक पहले जेईई मेन्स में भी 99.85 पर्सेंटाइल के साथ देशभर में 1436वीं रैंक हासिल कर चुके हैं।