फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्यूरोक्रेसी संकट: पंजाब में IAS अधिकारी लामबंद, चंडीगढ़ में बुलाई बैठक, कई ने नौकरी छोड़ने की बात कही

Wed, 11 Jan 2023 01:40 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन इस मामलो को राज्यपाल तक ले जाने का भी मन बना चुकी है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि उन्हें राज्यपाल की ओर से किसी न किसी रूप में समर्थन अवश्य मिलेगा। एसोसिएशन ने राज्यपाल से मुलाकात का समय लेने के लिए अपने दो पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पीसीएस अफसरों की हड़ताल से परेशानी में घिरी भगवंत मान सरकार की आईएएस एसोसिएशन ने भी मुश्किल बढ़ा दी है। एक महिला आईएएस अधिकारी के खिलाफ पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई और उस पर भगवंत मान सरकार के रुख को लेकर आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वेणु प्रसाद की अध्यक्षता में 11 जनवरी को सेक्टर 26 स्थित मगसीपा कार्यालय में शाम 5:30 बजे बैठक बुलाई है। एसोसिएशन ने जिलों में तैनात सभी डीसी और अन्य आईएएस अधिकारियों को अनिवार्य रूप से चंडीगढ़ पहुंचने का संदेश भेजा है ताकि राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा सके।

विज्ञापन


एसोसिएशन उक्त बैठक में पीएसआईईसी की पूर्व एमडी नीलिमा के खिलाफ विजिलेंस द्वारा दर्ज एफआईआर को बिना शर्त वापस लेने तक राज्य सरकार का बहिष्कार करने संबंधी एक प्रस्ताव पारित कर सकती है। गौरतलब है कि नीलिमा के पति आईएएस अधिकारी अमित कुमार ने सोमवार को सीएम के साथ इस मामले पर आईएएस अधिकारियों की बैठक के बाद कहा था कि अगर नीलिमा के खिलाफ एफआईआर वापस न ली गई तो वह सिविल सेवा की नौकरी छोड़ देंगे। इस समय आठ अन्य आईएएस अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री के रवैये पर नाराजगी जाहिर की और सिविल सेवा की नौकरी छोड़ने की बात कही थी।

राज्यपाल तक ले जाएंगे मामला
दूसरी ओर आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन इस मामलो को राज्यपाल तक ले जाने का भी मन बना चुकी है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि उन्हें राज्यपाल की ओर से किसी न किसी रूप में समर्थन अवश्य मिलेगा। एसोसिएशन ने राज्यपाल से मुलाकात का समय लेने के लिए अपने दो पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
विज्ञापन


कई आईएएस अफसरों ने मामले से बनाई दूरी
दूसरी ओर, आईएएस अधिकारियों का एक वर्ग जोकि इस मामले से खुद को अलग रखकर चल रहा है, का मानना है कि अगर नीलिमा और कुछ अन्य आईएएस अधिकारियों द्वारा अपने करीबी रिश्तेदारों के नाम पर गुप्त तरीके से ‘अधिग्रहण’ किए गए औद्योगिक प्लाटों की संख्या के बारे में विजिलेंस ब्यूरो ने कोई सार्वजनिक खुलासा कर दिया तब पूरे आईएएस अधिकारी एसोसिएशन के लिए शर्मनाक स्थिति बन जाएगी। इन अफसरों ने एसोसिएशन के आक्रामक सदस्यों को आगाह भी किया है कि पंजाब में आम जनता का मूड भ्रष्टाचार के खिलाफ है, जो मुख्यमंत्री को न झुकने के लिए प्रेरित कर सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें