फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट की केंद्र सरकार को फटकार, अफसर बाज नहीं आए तो सेना प्रमुख को कर लेंगे तलब

Fri, 05 Oct 2018 12:37 PM IST
विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
court
विज्ञापन
सेना भर्ती में हरियाणा से पढ़ाई के चलते भर्ती प्रक्रिया से बाहर किए गए आवेदक की याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अफसरों को कह दो कि सुधर जाएं, अगर ऐसा ही चलेगा तो सेना प्रमुख को हाईकोर्ट में तलब कर लिया जाएगा और अधिकारियों की नौकरी खतरे में आ जाएगी।
विज्ञापन


इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने सेना के डायरेक्टर रिक्रूटमेंट को अगली सुनवाई पर हलफनामे के साथ खुद हाजिर रहने के मौखिक आदेश दिए हैं। याचिका दाखिल करते हुए संगरूर निवासी राकेश नैन ने एडवोकेट करन सिंह के माध्यम से सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया कि सेना ने जवानों की भर्ती निकाली थी जो पंजाब के आवेदकों के लिए थी। याची ने भी नियुक्ति प्रक्रिया में भाग लिया था और उसे केवल इस लिए नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया क्योंकि उसने शिक्षा हरियाणा से ग्रहण की थी।

सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। अब याची ने डिवीजन बेंच के समक्ष दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान सेना की ओर से बताया गया कि याची की दलील सही नहीं है और बड़ी संख्या में हरियाणा से शिक्षा ग्रहण करने वालों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया गया है। केवल अविवाहित होने का प्रमाण पत्र पेश न करने के कारण याची को नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर किया गया है।
विज्ञापन


अधिकारी ने रख लिया प्रमाण पत्र
इस पर याची ने कहा कि दस्तावेजों की स्क्रूटनी के दो दिन पहले उसे ग्राम पंचायत ने यह प्रमाण पत्र जारी किया था जिसे मौके पर मौजूद अधिकारी ने अपने पास रख लिया था। याची ने कहा कि उसके पास प्रमाण पत्र की प्रति मौजूद है। चीफ जस्टिस कृष्ण मुरारी व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने इस जानकारी पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारी मनमाने करने में जुटे हैं। हाईकोर्ट ने फिलहाल याची को प्रोविजनल तौर पर लिखित परीक्षा में बैठने की छूट दे दी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें