डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के पूर्व ड्राइवर खट्टा सिंह का नार्को टेस्ट करवाए जाने की मांग को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फरमान सुनाया है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस अपील पर सीबीआई कोर्ट ही फैसला लेगी। हाईकोर्ट ने याची से कहा कि वे अपनी मांग के लिए सीबीआई कोर्ट में अर्जी दाखिल करें। इस दौरान मुख्य याचिका पर जवाब के लिए सीबीआई ने समय मांगा जिसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई टाल दी।
अवतार सिंह की ओर से एडवोकेट महेंद्र सिंह जोशी के जरिये अर्जी दायर कर कहा गया था कि खट्टा सिंह रंजीत सिंह हत्याकांड के मामले में बार-बार बयान बदल रहा है। ऐसे में खट्टा सिंह पर भरोसा नहीं किया जाना चाहिए। अवतार सिंह ने कहा कि रंजीत सिंह मर्डर केस में खट्टा सिंह पहले भी अपने बयानों से पलट गया था। अब उसने दोबारा हाईकोर्ट में दोबारा बयान दर्ज करवाने की मांग की है। वह अब तक इस मामले में पांच बार अपने बयानों से पलट चुका है।
उसके पास इस मर्डर केस की कुछ अन्य जानकारी हो सकती है, जिसे वह छिपा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि उसका पहले नार्को टेस्ट करवाया जाए, जिससे उसके बयानों की सत्यता सामने आ सके। गौरतलब है कि अवतार सिंह डेरा सच्चा-सौदा के पूर्व गुरु शाह सतनाम सिंह का नाती है। कुछ ही दिन पहले खट्टा सिंह ने भी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर डेरा मुखी के खिलाफ सीबीआई अदालत में चल रहे रंजीत सिंह हत्या के मामले में अपने बयान दर्ज करवाने की मांग की थी।
उसका कहना था कि वो पहले दबाव और डर के चलते गवाही से हट गया था। उसे अब गवाही के लिए दोबारा मौका दिया जाए। क्योंकि अब डेरा मुखी जेल में है और अब उस पर कोई दबाव और डर नहीं है। सीबीआई कोर्ट ने उसकी अपील को मानने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।