Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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बच्चों को अगवा कर भीख मांगने के लिए मजबूर करने के मामले में लिए संज्ञान पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को इस बारे में 11 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने मामले को लेकर संज्ञान संगरूर के राजेश कुमार द्वारा भेजी गई शिकायत पर लिया था। हाईकोर्ट को बताया गया था कि चार वर्षीय बच्ची 28 मार्च 2018 से लापता है। एक महीन बाद किसी ने इंटरनेट पर एक बच्ची की फोटो वायरल कर दी थी, जिसमें बच्ची फर्श पर लेटी नजर आ रही थी और उसके पास 10 रुपये के नोट पड़े थे। फोटो को पहचान कर बच्ची के माता-पिता ने पुलिस को इसकी जानकारी दी। लेकिन यह फोटो कहां की है, किसने इसे इंटरनेट पर वायरल किया है इसकी जानकारी अभी तक पुलिस को नहीं लग पाई है। बच्ची को तलाशा भी नहीं जा सका है।
इस मामले को लेकर हाईकोर्ट को भेजी शिकायत में कहा गया कि फोटो से साफ नजर आ रहा है कि बच्ची को जबरदस्ती भिखारी बनाया गया है। यह बच्चों को अगवा कर उन्हें भिखारी बनाने के गैंग का काम हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारे से साफ है कि बेटियों को काफी अहमियत दी गई है। बावजूद इसके पुलिस इस चार वर्ष की बच्ची को तलाशने में पूरी तरह से नाकाम रही है। पंजाब पुलिस ने अब तक बच्चों को भीख मांगने को मजबूर करने के मामले में क्या कार्रवाई की है इस बारे में हाईकोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है।