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Highcourt: शव मिलने पर केस खत्म न समझे एसआईटी, लापता युवक की पत्नी की याचिका पर हाईकोर्ट का आदेश-डीएनए मिलाएं

Fri, 05 Aug 2022 04:35 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि पहले शव का डीएनए मिलान किया जाए। इसके बाद देखा जाए कि जो शव मिला है, वह हत्या, आत्महत्या या अन्य किसी कारण का नतीजा है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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विस्तार
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लापता पति के लिए नौ माह से कानूनी लड़ाई लड़ रही महिला की याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एसआईटी को जमकर फटकार लगाई। एसआईटी ने कहा था कि उन्हें मुंबई में शव मिल गया है। हाईकोर्ट ने कहा कि शव मिल गया है तो केस को समाप्त न समझें, पहले डीएनए रिपोर्ट मिलाकर कोर्ट में पेश करें।

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मेवात निवासी अनीषा ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि इकबाल नाम के ट्रक ड्राइवर याची के पति यूसुफ को अपने साथ दूसरे ड्राइवर के तौर पर लेकर गया था। जब याची ने अपने पति को फोन किया तो इकबाल ने कहा कि उसका पति सो रहा है और बाद में बात करेगा। दो बार यही जवाब देने के बाद जब तीसरी बार कॉल किया तो फोन स्विच ऑफ मिला। जब इकबाल के फोन पर कॉल किया तो उसने बताया कि यूसुफ ट्रक छोड़कर जा चुका है। दोबारा फोन उसने नहीं उठाया। कुछ समय बाद फोन उठाकर कहा कि वह वापस आते हुए याची के पति को लेकर आएगा। जब वह वापस आया तो याची का पति उसके साथ नहीं था।

जनवरी 2022 में बनी थी एसआईटी

इसके बाद याची ने दिसंबर 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए पति को तलाशने का निर्देश जारी करने की अपील की थी। इसके बाद हाईकोर्ट की सख्ती के चलते जनवरी 2022 में एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने बताया कि इकबाल बार-बार बयान बदल रहा है और इसलिए उसे पॉलिग्राफी टेस्ट के लिए बुलाया गया लेकिन उसने इनकार कर दिया। इसके बाद बताया कि मुंबई में उन्हें एक शव मिला है। हाईकोर्ट ने अब आदेश दिया है कि पहले शव का डीएनए मिलान किया जाए। इसके बाद देखा जाए कि जो शव मिला है, वह हत्या, आत्महत्या या अन्य किसी कारण का नतीजा है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही पुलिस को आदेश दिया है कि यदि इकबाल पॉलिग्राफी के लिए तैयार नहीं हो रहा है तो कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाए।

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