हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी द्वारा विदेश में बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए पासपोर्ट जारी करने की अपील वाली याचिका का निपटारा करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर ट्रायल कोर्ट को पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बेटियों का शिक्षा के उच्च शिखर पर पहुंचना देश के लिए गौरव की बात है। ऐसे में पिता को पासपोर्ट जारी किया जाए ताकि उसकी बेटी आगे शिक्षा के लिए प्रोत्साहित हो सके।
याचिका दाखिल करते हुए जालंधर निवासी कंवलप्रीत सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि उसके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। इस मामले में ट्रायल जारी है। याची की बेटी विदेश में पढ़ाई कर रही थी। उसकी पढ़ाई पूरी हो चुकी है और जल्द ही दीक्षांत समारोह है। याची ने बताया कि आपराधिक मामला लंबित होने के चलते उसने अपना पासपोर्ट जालंधर न्यायालय में जमा करवाया था। बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए उसने जालंधर कोर्ट में पासपोर्ट जारी करने के लिए अर्जी दाखिल की थी जिसे खारिज कर दिया गया।
याची पक्ष की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि महज आपराधिक मामला लंबित होने के चलते किसी को बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए। आपराधिक मामला लंबित होने का यह मतलब नहीं है कि आरोपी को विदेश से वापस नहीं लाया जा सकता या फिर वह लौटेगा नहीं। कोर्ट ने कहा कि बेटी जब शिक्षा के उच्च शिखर पर पहुंचती है तो यह न केवल उसके अभिभावकों बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय होता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को कनाडा में बेटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने की अनुमति देते हुए कोर्ट को उसका पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है।