पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट के 5 जुलाई को होने वाले चुनाव पर अब तलवार लटक गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर पीयू के वीसी व रजिस्ट्रार को 4 जुलाई के लिए नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न चुनाव पर रोक लगा दी जाए।
पीयू सीनेट के सदस्य डा. हरप्रीत सिंह दुआ और नरेश गौड़ ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि 13 फरवरी को सीनेट की बैठक में नियमों को ताक पर रखते हुए सिंडीकेट चुनाव न होने तक सभी शक्तियां वीसी को दे दी गई थीं। पीयू का दैनिक कार्य प्रभावित न हो ऐसा इसलिए किया गया था। इसके बाद 30 मई को पीयू के रजिस्ट्रार ने एक पत्र जारी कर फैकल्टी अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांग लिए। 23 जून को वीसी ने नियमों को ताक पर रख विभिन्न फेलो को फैकल्टी अलॉट कर दी। इसके बाद 24 जून को आदेश जारी कर दिए कि 5 जुलाई को सीनेट की बैठक में सिंडिकेट के चुनाव होंगे।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चुनाव के लिए 15 दिन पहले नोटिस और उसका एजेंडा दिया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। याची ने कहा कि चुनाव में तय प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है, ऐसे में चुनाव पर रोक लगाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने याचिका पर पीयू, पंजाब सरकार व अन्य को नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न सिंडीकेट चुनाव पर रोक लगा दी जाए।