पंजाब में पंचायतों और अधिकारियों के बीच मिलीभगत से हरे-भरे पेड़ों की कटाई का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही लुधियाना की भरथाला पंचायत की भूमि पर लगे 150 पेड़ों की कटाई पर भी रोक लगा दी है।
स्थानीय निवासी जगदीश ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल करते हुए पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया। याची ने बताया कि भरथाला ग्राम पंचायत की भूमि पर 150 पेड़ों की कटाई के लिए 26 जुलाई, 2021 को नीलामी नोटिस जारी किया गया था। हालांकि इसे बाद में टाल दिया गया था।
इसके बाद याची ने पेड़ों की कटाई रोकने के लिए मांगपत्र दिया था, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। याची ने बताया कि अब इसे दोबारा जारी करने की तैयारी की जा रही है जिसको रोकने के लिए हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
याची ने कहा कि पंजाब में वन क्षेत्र केवल 3 प्रतिशत भूमि है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर देश की 35 प्रतिशत भूमि को वन भूमि बनाने का लक्ष्य है। पंजाब में पंचायत और बीडीपीओ की मिलीभगत के चलते लगातार पेड़ों की नीलामी को अंजाम दिया जा रहा है। याची ने अपील की कि प्रदेश में पेड़ काटने अनुमति देने की जिम्मेदारी प्रशासकीय सचिव स्तर के अधिकारी को दी जाए ताकि अनावश्यक रूप से पेड़ों की कटाई न हो। हाईकोर्ट ने भरथाला ग्राम पंचायत में पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए अब पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।