भगवान वाल्मीकि को आपत्तिजनक शब्द कहने के आरोपी 65 वर्षीय बुजुर्ग को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत की मांग को स्वीकार कर लिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस जसजीत सिंह बेदी ने मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि याची के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सत्यता केस के ट्रायल के दौरान सिद्ध होगी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी 65 साल का बुजुर्ग है और पहली बार उसने अपराध किया है। बीते 23 जनवरी से वह जेल में है। ऐसे में उसे आगे जेल में रखने की जरूरत नहीं है, क्योंकि मामले के ट्रायल के निपटारे में समय लग सकता है।
याची कृष्ण देव दुबे पर वाल्मीकि समुदाय के एक व्यक्ति की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था। शिकायत के अनुसार आरोपी ने भगवान वाल्मीकि को आपत्तिजनक शब्द कहे थे। पुलिस स्टेशन जालंधर कैंट ने दुबे के खिलाफ 23 जनवरी को धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद निचली कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इस मामले में शिकायतकर्ता का कहना था कि दुबे ने ऊंची आवाज में अपने सिक्योरिटी गार्ड को भगवान वाल्मीकि के बारे में आपत्तिजनक शब्द कहे थे। शिकायतकर्ता भी पास ही खड़ा था और पूरी घटना का चश्मदीद गवाह था। भगवान वाल्मीकि के बारे में बोले इन अपशब्दों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची थी।