पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को राज्य सरकार पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी व बजट प्रबंध (संशोधन) विधेयक 2022 पारित कर बाजार और केंद्र सरकार से सीलिंग से अतिरिक्त कर्ज लेने का मार्ग प्रशस्त कर लिया है। पारित विधेयक के आधार पर राज्य सरकार वर्ष 2022-23 के दौरान 22044 करोड़ रुपये की नार्मल नेट बोरोइंग सीलिंग और 2742.85 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बोरोइंग सीलिंग के अलावा केंद्र सरकार से लगभग 1446 करोड़ रुपये का 50 साल का ब्याज मुक्त कर्ज प्राप्त करने में आसानी होगी।
विधेयक के अनुसार 15वें वित्त कमीशन की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार द्वारा सभी राज्यों की नार्मल नेट बोरोइंग सीलिंग, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कुल राज्य घरेलू उत्पाद का 4.0 प्रतिशत थी, को वित्त वर्ष 2022-23 के लिए कुल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 305 प्रतिशत फिक्स करने का फैसला लिया है।
पंजाब को नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के अधीन दिए गए योगदान के एवज में अतिरिक्त बोरोइंग सीलिंग की अनुमति दी गई है। इसके अलावा 3.5 प्रतिशत नार्मल नेट बोरोइंग सीलिंग से अधिक राज्य को अपनी पिछले वर्षों के दौरान मंजूर बोरोइंग सीलिंग में से अनवर्ती बोरोइंग करने की मंजूरी भी दी गई है और स्कीम फॉर स्पेशल असेसमेंट टू स्टेटस फार कैपिटल इनवेस्टमेंट फॉर 2022-23 के तहत केंद्र सरकार से 50 साल का ब्याज मुक्त कर्ज भी प्राप्त किया जा सकता है।
पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी व बजट प्रबंध एक्ट 2003 के सेक्शन 4 के सब-सेक्शन (2) के उपबंध (ए) में संशोधन के नतीजे के रूप में वित्त वर्ष 2022-23 दौरान पंजाब राज्य को 22044 करोड़ रुपये की नार्मल नेट बोरोइंग सीलिंग और 2742.85 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बोरोइंग सीलिंग के अलावा पिछले सालों के दौरान मंजूर बोरोइंग सीलिंग में से अनवर्ती बोरोइंग करने की अनुमति और स्कीम फॉर स्पेशल असेसमेंट टू स्टेटस फार कैपिटल इनवेस्टमेंट फॉर 2022-23 के तहत केंद्र सरकार से लगभग 1446 करोड़ रुपये का 50 साल का ब्याज मुक्त कर्ज प्राप्त करने की भी पात्रता हासिल हो जाएगी।
पंजाब विधानसभा में चार विधेयक पारित
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को चार विधेयक पारित किए गए। इनमें विधायकों की पेंशन से जुड़ा पंजाब राज्य विधायक सदस्य (पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं) संशोधन बिल 2022 के अलावा, राज्य सरकार को बाजार के अतिरिक्त कर्ज लेने की सुविधा प्रदान करने वाला, पंजाब वित्तीय जिम्मेदारी एवं बजट प्रबंध (संशोधन) बिल 2022 भी शामिल हैं। अन्य दो बिल, पंजाब ग्रामीण विकास (संशोधन) बिल 2022 और पंजाब कृषि उत्पाद विपणन (संशोधन) बिल 2022 को भी सदन ने ध्वनिमत से पारित किया।