पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल।
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पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल को सरकार ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में पांच मई तक चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-2 की कोठी खाली करने को कहा गया है। भट्ठल को पंजाब राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष बनाए जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें यह आवास दिया था।
लहरा विधानसभा क्षेत्र से 2017 चुनाव में परमिंदर सिंह ढींडसा (शिअद) ने राजिंदर कौर भट्ठल (कांग्रेस) को 26815 मतों के अंतर से हराया था। इसके बाद 2018 में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भट्ठल को पंजाब राज्य योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाकर चंडीगढ़ सेक्टर-2 में कोठी नंबर आठ का आवंटन किया था। तब से पूर्व मुख्यमंत्री इसी सरकारी आवास का इस्तेमाल कर रहीं थीं लेकिन हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब राज्य आयोग समेत 20 बोर्ड और आयोग को भंग कर दिया गया था। इसके बाद अब सरकार ने उन्हें सरकारी कोठी खाली करने का अल्टीमेटम दिया है। हालांकि अभी तक इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने कोई भी बयान जारी नहीं किया है।
सिविल सचिवालय में अलॉट था कमरा
राजिंदर कौर भट्ठल के प्रति पहले की सरकारों ने खूब मेहरबानियां कीं। प्रदेश की तत्कालीन सरकार ने उन्हें आवंटित सरकारी आवास का किराया तक रिफंड करवा दिया था। इसके बाद उन्हें पंजाब राज्य योजना बोर्ड की वाइस चेयरमैन की हैसियत से पंजाब सिविल सचिवालय में नियमों के विपरीत कमरा आवंटित कर दिया गया था।
126 प्रतिशत देना होगा जुर्माना
राजिंदर कौर भट्ठल के पास सरकारी कोठी खाली करने के लिए सिर्फ दो दिन का और समय बचा है। अगर वे इस दौरान कोठी खाली नहीं करतीं तो उन्हें मार्केट किराये के साथ ही 126 प्रतिशत जुर्माना भी भरना पड़ेगा।
मंत्रियों को आवंटित होती है यह कोठी
यह कोठी राजिंदर कौर भट्ठल को चंडीगढ़ के प्राइम सेक्टर-2 में आवंटित हुई थी। यह कोठी कैबिनेट मंत्रियों के लिए आरक्षित सरकारी कोठियों में से एक है। हैरान करने वाली बात यह है कि भट्ठल को सरकारी कोठी मिलने के साथ ही बिजली और पानी भी मुफ्त दिया जा रहा था। कैबिनेट रैंक के अधिकारियों को मिलने वाली कोठी में आने वाले बिजली और पानी के बिल को पीडब्ल्यूडी भरता है।