पंजाब की जिन जेलों में जैमर लगे हैं वे 4 जी सिग्नल रोकने में नाकाम हैं। इसके चलते जेल में बंद गैंगस्टर बडे़ आराम से अपना नेटवर्क चला रहे हैं। पंजाब जेल विभाग ने छह वर्ष से कोई नया जैमर नहीं खरीदा। ऐसे में जेल मंत्री हरजोत बैंस के जेलों को मोबाइल मुक्त करने के दावे खोखले लग रहे हैं। यह खुलासा आरटीआई में हुआ है। आरटीआई मानिक गोयल ने दाखिल की थी।
गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में जेलों के अंदर से इस्तेमाल मोबाइल फोन की बड़ी भूमिका सामने आई है। इसके बाद से वर्तमान सरकार के जेल मंत्री हरजोत बैंस जेलों को मोबाइल फोन मुक्त करने का बार-बार दावा करते हैं। मानसा के रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता मानिक गोयल ने कहा कि पिछली सरकारों ने जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को गंभीरता से नहीं लिया।
2016 के अंत में पूरे भारत में 4 जी की शुरुआत हुई और पंजाब सरकार के जेल विभाग ने 2016 की शुरुआत से जैमर नहीं खरीदे। इसका साफ और सीधा मतलब है कि पंजाब की 27 जेलों में लगे जैमर आजकल चल रहे 4 जी सिग्नल को ब्लॉक करने में सक्षम नहीं हैं। गोयल ने कहा कि वर्तमान सरकार के जेल मंत्री हरजोत बैंस जेलों को मोबाइल फोन मुक्त दावे कर रहे हैं, जो पूरी तरह से खोखले हैं।
अगर वे वास्तव में जेलों को मोबाइल मुक्त बनाना चाहते हैं तो 4 जी सिग्नल जैमर लगाएं। नई तकनीक युक्त जैमर के बिना जेलों को मोबाइल मुक्त बनाना असंभव है। जब जेलों में 4 जी जैमर लगाए जाएंगे तो मोबाइल फोन काम नहीं करेंगे और न ही बार-बार दबिश देकर फोन जब्त करने की जरूरत होगी।
जेलों में मोबाइल फोन बंद करने से अधिकांश आपराधिक गठजोड़ टूट जाएगा। अगर पंजाब सरकार वास्तव में जेलों में मोबाइल फोन के माध्यम से चल रहे आपराधिक गठजोड़ को तोड़ना चाहती है तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पंजाब की सभी जेलों में 4 जी जैमरों को स्थापित करना होगा।