पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान।
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निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे किसान संगठनों से पंजाब सरकार बातचीत करने को तैयार हो गई है। राज्य में चल रहे बिजली संकट पर सरकार ने सूबे के 22 किसान संगठनों को न्योता भेजा है। 10 मई को चंडीगढ़ में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बिजली मंत्री और विभागीय अधिकारी बातचीत करेंगे।
कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल हो सकते हैं। इससे पहले किसान नेता पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ बातचीत कर चुके हैं। अब बिजली मंत्री हरभजन सिंह, पीएसपीसीएल के सीएमडी और राज्य सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी किसान नेताओं से बातचीत करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के वरिष्ठ सदस्य और बीकेयू (लखोवाल) के महासचिव हरिंदर सिंह लखोवाल ने बताया कि राज्य सरकार ने 22 किसान यूनियनों को निमंत्रण पत्र भेजे हैं। बैठक में कम से कम 22 यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
किसान नेता सुखदेव सिंह कोकरी ने कहा कि कृषि क्षेत्र को आठ घंटे और घरेलू क्षेत्र को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की मांग की जा रही है। धान की बुआई एक सप्ताह में शुरू होने की संभावना है, जबकि मक्का, कपास और बागवानी की फसलें पानी की कमी से मर रही हैं। घरेलू क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती ने भी आम आदमी को परेशान किया है।
इधर, बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने कहा कि पूरा देश कोयला संकट से जूझ रहा है लेकिन पंजाब अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। झारखंड में पचवाड़ा कोयला खदानों को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं। खदान से कोयले की आपूर्ति जून के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है। इससे बिजली संकट दूर हो जाएगा।
नए ट्यूबवेल कनेक्शन पर भी होगी चर्चा
चंडीगढ़ में किसानों और सरकार के बीच होने वाली बैठक में नए ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए किसानों की मांग पर भी विचार किया जा सकता है। किसानों का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में हजारों किसानों ने कनेक्शन के लिए आवेदन किया है लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है।