पंजाब में अब गन्ने की फसल बीमारी से दूर रहेगी। पंजाब सरकार खेती-किसानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को रोग प्रतिरोधक और टिकाऊ बीज वितरित करने जा रही है। सरकार के इस प्रयास से राज्य में गन्ने की फसल को बढ़ावा मिलेगा और पैदावार भी बढ़ेगी। अभी पंजाब में 70 प्रतिशत कृषि भूमि में किसान गन्ने की पैदावार करते हैं।
पंजाब में गन्ने की फसल का क्षेत्रफल लगभग 95,000 हेक्टेयर (2,34,650 एकड़) है। इसमें से लगभग 70 प्रतिशत क्षेत्र गन्ने की फसल सीओ-0238 की केवल एक किस्म के अंतर्गत आता है। पंजाब में गन्ने की इस फसल को 2005 में लगाया गया था।
फसल की अच्छी पैदावार के बाद भी इन दिनों गन्ने की इस प्रजाति में पोका बोइंग बीमारी का हमला हो रहा है। इससे फसल को काफी नुकसान हो रहा है। गन्ने की ऊंचाई 7-8 फीट होने के कारण दवाओं के छिड़काव में भी परेशानी आती है। ऐसे में अब सरकार रोग प्रतिरोधक और टिकाऊ बीजों को ला रही है, जल्द ही सरकार किसानों का उनका वितरण भी करेगी।
ये होंगी चार नई किस्में
अगले तीन वर्षों में पंजाब सरकार अब चार नई गन्नों की किस्मों के तहत किसानों को बीज वितरित करेगी। इनमें सीओपीबी-95, सीओपीबी-96, सीओपीबी-98 और सीओ-118 शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर कुल क्षेत्रफल का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा 2005 का टाइप सीओ-0238 के तहत कवर किया जाना है।