कैप्टन ने कहा कि उनकी सरकार को इस चरण पर अधिकारी बदलना या नए सिरे से एसआईटी का गठन करना मंजूर नहीं है। जांच बहुत आगे बढ़ चुकी है और बरगाड़ी की बेअदबी घटना के बाद 2015 की घटना के केस में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ चार चालान पहले ही दायर किए जा चुके हैं और अंतिम रिपोर्टें भी सेशन अदालत में सुनवाई के लिए दायर की गई हैं।
कैप्टन ने की सुखबीर की अलोचना
मुख्यमंत्री ने संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के लिए शिअद प्रधान सुखबीर बादल की निंदा की। उन्होंने बादलों के खिलाफ राजनीतिक बदलाखोरी के आरोपों को पूरी तरह अनुचित और बेबुनियाद बताया और कहा कि अगर उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों को ऐसे घटिया हथकंडे इस्तेमाल करके तंग करना होता तो सत्ता संभालने के बाद तुरंत ऐसा कर दिया होता और अब तक उनको बख्शा न होता। उन्होंने कहा कि यदि मैं और मेरी पार्टी निष्पक्ष तरीके से मुकदमा चलाने में यकीन रखते हैं, तभी पंजाब में हर विरोधी पार्टी और नेता बिना किसी डर के मेरी सरकार की आलोचना कर रहे हैं।
कैप्टन दोषियों को पकड़ने के बजाय बादल परिवार को फंसाने में लगे रहे : सुखबीर
सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कृषि कानूनों के मसले पर केंद्र सरकार के साथ मिलीभगत कर पंजाब के हितों से समझौता करने के लिए इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से कोटकपूरा गोलीकांड मामले में कांग्रेस सरकार द्वारा गठित एसआईटी को रद्द करने से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री आरोपियों को पकड़ने के बजाय बादल परिवार को फंसाने के लिए इस मामले का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है एसआईटी का गठन राजनीतिक बदले की भावना से किया गया था। उन्होंने कहा कि हम पहले दिन से ही यह कह रहे हैं कि पूरी जांच दुर्भावनापूर्ण इरादे से की जा रही है।