गांव मुंडो संगतियां में कुछ आपराधिक घटनाओं में प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रवासियों को इस गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट पहुंच गया था।
यूपी, बिहार व राजस्थान के प्रवासी मजदूरों को मोहाली के मुंडो संगतियां गांव छोड़ने के लिए ग्राम पंचायत के प्रस्ताव को चुनौती देने वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
याचिका दाखिल करते हुए एडवोकेट वैभव वत्स ने बताया कि एक अगस्त को एक समाचार पत्र में खबर प्रकाशित हुई थी कि गांव की पंचायत ने प्रवासी मजदूरों को गांव छोड़ने के लिए प्रस्ताव पास किया है। हालांकि सरपंच ने इस पर दस्तखत होने से इन्कार किया था।
समाचार के अनुसार गांव में कुछ आपराधिक घटनाओं में प्रवासी मजदूरों की संलिप्तता पाई गई थी। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि प्रवासियों को इस गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। इसके बाद ही यह कार्रवाई शुरू की गई थी।
विज्ञापन
ऐसे लोग जो एक दशक से भी अधिक समय से किराए पर रह रहे थे और अच्छे आचरण वाले थे, उन्हें भी गांव खाली करने को कह दिया गया। याची ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को मर्जी के स्थान पर रहने का अधिकार देता है। इस प्रकार गांव निकाला देकर प्रवासी मजदूरों के सांविधानिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद याचिका पर पंजाब सरकार को अगली सुनवाई के दौरान पक्ष रखने का आदेश दिया है।