कैप्टन ने कहा कि मेडिकल भत्ता, मोबाइल भत्ता, यातायात भत्ता और सिटी कम्पनसेटरी भत्ता (सीसीए) जैसे आम भत्तों को पहली जुलाई 2021 से संशोधित दरों (2.59 गुणा 0.8) के हिसाब से बहाल करने के साथ ही कैबिनेट के फैसले के अनुसार सभी जारी भत्ते न सिर्फ बरकरार रखे गए हैं, बल्कि पहले की अपेक्षा दोगुना कर दिए गए हैं, जितने पहले मिलते थे।
मंत्रिमंडल ने डॉक्टरों को संशोधित बेसिक-पे के 20 प्रतिशत के हिसाब से मिलने योग्य गैर प्रैक्टिस भत्ता (एनपीए) को वेतन का हिस्सा मानने और कर्मचारियों के लिए सचिवालय वेतन (पंजाब सिविल सचिवालय में काम करते) को पहली जुलाई 2021 से दोगुना करने और वेतन का हिस्सा मानने की मंजूरी दे दी है।
पेंशनधारकों को भी राहत
नेशनल पेंशन स्कीम के अधीन आने वाले कर्मचारियों को अब मौत होने की सूरत में पारिवारिक पेंशन के अधीन कवर किया जाएगा, जिसमें 5 मई, 2009 के पारिवारिक पेंशन दिशा-निर्देशों को अपनाया गया है। इससे चार सितंबर 2019 के जारी दिशा-निर्देशों में वाजिब बदलाव करके पंजाब सिविल सेवाएं नियम भाग-2 के अंतर्गत नई पेंशन स्कीम के अधीन आते राज्य के कर्मचारियों पर भारत सरकार के मुलाजिमों की तर्ज पर लागू किया जाएगा।