पंजाब सरकार ने हाल ही में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) यानी पावरकॉम के सभी कर्मचारियों के लिए घोषित की गई नई मुआवजा नीति के तहत सभी कच्चे मुलाजिमों को भी नियमित मुलाजिमों की तरह मुआवजा देने की व्यवस्था लागू कर दी है। इस फैसले के तहत अगर कोई कच्चा मुलाजिम ड्यूटी के दौरान हुए दुर्घटना में घायल होता है या उसकी मृत्यु हो जाती है, तो पावरकॉम की तरफ से वित्तीय मदद दी जाएगी।
पीएसपीसीएल की तरफ से जारी किए गए सर्कुलर में कहा गया है कि अब सीएचबी (कंपलेंट हैंडलिंग बाइक) कर्मियों के अलावा अन्य वर्ग के ठेका कर्मचारियों को भी एक्स ग्रेशिया ग्रांट के तहत मुआवजा दिया जाएगा।
गौरतलब है कि पीएसपीसीएल के अधिकतर कच्चे मुलाजिम लाइनमैन के रूप में काम कर रहे हैं और आए दिन करंट के कारण होने वाले हादसों में यह मुलाजिम घायल होते हैं। कई बार उनकी मृत्यु भी हो जाती है। पीएसपीसीएल की ओर से सूबे के सभी बड़े जिलों में फाल्ल्ट मरम्मत का जिम्मा कच्चे मुलाजिम ही संभाल रहे हैं। प्रदेश के बिजली मंत्री हरभजन सिंह ने आठ दिसंबर को नई नीति की घोषणा करते हुए था कि काम के दौरान हादसों के मद्देनजर मुलाजिमों को वित्तीय मदद देने के लिए यह नीति तैयार की गई है।
5 से 10 लाख तक की राशि मिल सकेगी
पीएसपीसीएल की ओर से जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार कच्चे मुलाजिमों को ग्रुप इंश्योरेंस पॉलिसी के अधीन लाया गया है, जिसके तहत उन्हें 5-10 लाख तक की राशि मिल सकेगी। ग्रुप इंश्योरेंस कवरेज राशि भी दोगुना करते हुए 10 लाख की गई है। इसके अलावा, नई पॉलिसी ग्रुप बीमा के नियमों और शर्तों के आधार पर दिव्यांगता लाभ के मामले में एक्सग्रेशिया देगी। 100 फीसदी दिव्यांगता पर 10 लाख रुपये एक्सग्रेशिया मिलेगा। मृत्यु की स्थिति में भी 10 लाख का बीमा कवर रहेगा, जबकि घायल होने पर इलाज का खर्च मुहैया कराया जाएगा।