पंजाब सरकार कई मामलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नक्शे कदम पर चलना शुरू कर दिया है। मोदी सरकार के पद चिन्हों पर चलते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने भी अपने मंत्रियों से कहा है कि वह अपने-अपने विभागों से संबंधित कामों के संबंध में 10-10 सुझाव दें।
इसके साथ ही जो भी नई नीतियां बनानी हों, उन पर पहले लोगों से विचार-विमर्श कर लिया जाए। यह सब कुछ लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों से मिले फीडबैक के आधार पर गुड गवर्नेंस के एजेंडे के तहत किया जा रहा है।
अपने स्तर पर भी कदम उठाएं
मंत्रियों से कहा गया है कि वह जल्द से जल्द उक्त सुझाव दें ताकि उन पर अमल करके कार्यकुशलता बढ़ाई जा सके। उनसे यह भी कहा गया कि वह विभागों में कामकाज को बेहतर बनाने के लिए अपने स्तर पर भी कदम उठाएं।
यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बनने वाली किसी भी नीति को इससे प्रभावित होने वाले लोगों की सहमति के बिना अंतिम रूप न दिया जाए।
मसलन व्यापारियों, उद्योगपतियों, खिलाड़ियों, किसानों आदि के संबंध में बनने वाली नीतियों के बारे में इन पक्षों के प्रतिनिधियों से जरूर सलाह कर ली जाए। उसके बाद ही संबंधित ड्राफ्ट को मंजूरी के लिए आगे लाया जाए।
सरकार के खिलाफ निकाली थी भड़ास
ध्यान रहे कि लोकसभा चुनाव के दौरान और उसके बाद तीन दिन तक चली शिअद की समीक्षा बैठकों के दौरान आम लोगों ने खुलकर सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली।
उन्होंने बताया कि अफसरशाही का रवैया आम जनता के प्रति सही नहीं है, इसमें सुधार की जरूरत है। इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री ने न केवल पार्टी, बल्कि सरकार के स्तर पर भी सुधारों की प्रक्रिया तेजी से लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। मंत्रियों को सुझाव देने के लिए कहना भी इसी कड़ी का हिस्सा है।