पंजाब सरकार ने गुरुवार को राज्य के 20 कल्याण बोर्डों को भंग कर दिया। सरकार के इस फैसले की जानकारी सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी। उन्होंने बताया कि जल्द ही राज्य सरकार इन बोर्डों के नए अधिकारियों की नियुक्ति करेगी। कयास यह लगाए जा रहे हैं कि आप के विधायकों और नेताओं को इन नए बोर्डों में समायोजित किया जाएगा।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि इन कल्याण बोर्डों में कंबोज वेलफेयर बोर्ड, बाजीगर और टपरीवास वेलफेयर बोर्ड, ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड, खत्री अरोड़ा वेलफेयर बोर्ड, दलित वेलफेयर बोर्ड, राय सिख वेलफेयर बोर्ड, राजपूत कल्याण वेलफेयर बोर्ड, विमुक्त जाति वेलफेयर बोर्ड, प्रजापति वेलफेयर बोर्ड, सैनी वेलफेयर बोर्ड, रामगढ़िया वेलफेयर बोर्ड, अग्रवाल वेलफेयर बोर्ड, गुर्जर वेलफेयर बोर्ड, बैरागी वेलफेयर बोर्ड, स्वर्णकार वेलफेयर बोर्ड, सैन वेलफेयर बोर्ड, पंजाब मुस्लिम वेलफेयर बोर्ड, प्रवासी वेलफेयर बोर्ड, कनौजिया वेलफेयर बोर्ड और मसीह भलाई बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। जल्द ही नए बोर्डों के लिए नियुक्ति की घोषणा सरकार की ओर से की जाएगी।
Social Justice, Empowerment & Minorities Minister Dr. Baljit Kaur informed that CM @BhagwantMann led Punjab Government has decided to dissolve as many as 20 welfare boards with immediate effect. Cabinet Minister said that soon govt will nominate new functionaries of these boards.
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- Government of Punjab (@PunjabGovtIndia) 28 Apr 2022
प्रांतीय व जिला योजना बोर्ड हो चुके हैं भंग
पंजाब सरकार बोर्डों को भंग करने से पहले सोमवार को प्रांतीय योजना आयोग, जिला योजना बोर्ड को पहले ही भंग कर चुकी है। अब योजना आयोग के स्थान पर पंजाब में इकोनोमिक पॉलिसी एंड प्लानिंग बोर्ड का गठन सरकार करने जा रही है। बोर्ड के वाइस चेयरमैन और अन्य सदस्यों की नियुक्ति भी जल्द सरकार करेगी।
विधायकों को मिलेगी जिम्मेदारी
पंजाब के बोर्ड व निगमों के चेयरमैनों के पद पर सरकार विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी कर रही है। विधानसभा चुनाव में 92 सीटें जीतने के बाद अपने विजेता विधायकों को सरकार में जिम्मेदारी देना मुख्यमंत्री मान के लिए चुनौती का सबब बना हुआ है, इन बोर्डों के जरिये मुख्यमंत्री की राह आसान होगी।