पंजाब के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय पोपली के घर में विजिलेंस जांच के दौरान बेटे की मौत का मामला सामने आने के बाद पंजाब सरकार सकते में आ गई है। सरकार ने चल रही कुछ जांचों पर फिलहाल रोक लगाने का फैसला लिया है। जुलाई में तीन महत्वपूर्ण विभागों के पांच बड़े अधिकारियों के खिलाफ मान सरकार कार्रवाई की तैयारी कर रही थी। सरकार ने यह फैसला विपक्षी दलों द्वारा आईएएस पोपली के बेटे की मौत को मुद्दा बनाए जाने से बचने के लिए लिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान हाल ही में अपने कैबिनेट मंत्री डा. विजय सिंगला के खिलाफ ही भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत, संगत सिंह गिलजियां और कांग्रेस के एक पूर्व विधायक के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में वरिष्ठ आईएएस संजय पोपली को भी विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है।
कोरोना काल में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में खरीद फरोख्त की जांच में 100 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी मिली है। बताया जा रहा है। इस दौरान के अधिकारी सरकार के निशाने पर हैं। साधु सिंह धर्मसोत के कार्यकाल में पेड़ों के अवैध कटान और ट्रांसफर पोस्टिंग में रिश्वत प्रकरण की जांच अभी चल रही है। इन विभागों के अलावा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में हजारों कुंटल गेहूं के गायब होने में भी विभाग के कई अधिकारियों की संदिग्ध भूमिका मिली है।
हाल ही में सरकार की सिद्धू मूसेवाला की हत्या से किरकिरी हो चुकी है। बता दें कि वीआईपी सुरक्षा में कटौती के बाद अगले ही दिन पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर विपक्ष सरकार पर लगातार हमलावर है। कांग्रेस, शिअद, भाजपा सहित अन्य विपक्षी दल लगातार प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लगातार नेताओं और गायकों को मिल रही धमकियां भी सरकार के लिए सिरदर्द बनी हुई हैं।