भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार पंजाब के सीनियर आईएएस संजय पोपली के 27 वर्षीय इकलौते बेटे कार्तिक की शनिवार दोपहर घर पर गोली लगने से मौत हो गई। घटना के वक्त विजिलेंस की टीम घर में मौजूद थी। वह पोपली को लेकर चंडीगढ़ सेक्टर 11 स्थित कोठी नंबर 520 में जांच के लिए पहुंची थी। पोपली की पत्नी ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान विजिलेंस टीम कार्तिक को परेशान कर रही थी। जब वह अपनी बात पर अड़ा रहा तो विजिलेंस टीम ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।
बेटे की मौत के बाद तबीयत बिगड़ने पर संजय पोपली को मोहाली के सिविल अस्पताल में चेकअप के लिए लाया गया। इसी दौरान संजय पोपली ने कहा कि मेरे सामने खड़े करके मेरे बेटे कार्तिक को गोली मारी गई। मैं इस हत्या का चश्मदीद गवाह हूं। वहीं विजिलेंस ने बयान जारी कर कहा है कि हमारे जाने के बाद कार्तिक पोपली ने अपने पिता के लाइसेंसी रिवॉल्वर से अपने सिर में गोली मारी है।
घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे चंडीगढ़ पुलिस के एसएसपी कुलदीप चहल ने कहा कि पूछताछ और जांच के लिए संजय पोपली को उनके घर ले जाया गया था। टीम नीचे थी। इसी बीच उनके बेटे ने ऊपर के कमरे में लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। वहीं पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने अपनी सफाई में कहा कि जांच के बाद उनकी टीम लौट आई थी। उसके बाद कार्तिक ने खुद को गोली मारी है। चंडीगढ़ पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच में ही पता चलेगा कि कार्तिक ने आत्महत्या क्यों की।
पोपली की गमगीन पत्नी श्री का आरोप है कि दोपहर में जब विजिलेंस की टीम पहुंची तो उन्होंने 80 वर्षीय बुजुर्ग समेत उन्हें और घर के अन्य सदस्यों को बाहर निकाल दिया था। कार्तिक और विजिलेंस की टीम ऊपर ही थी। दोनों के बीच बहस हो रही थी। जब वह ऊपर कमरे में देखने गईं तो पुलिस ने उनके बेटे की कनपटी पर पिस्टल तान रखी थी। पुलिस ने उन्हें धक्का देकर बाहर निकाल दिया। इस बीच अंदर कमरे में गोली चलने की आवाज आई। ऊपर जाकर देखा तो बेटा खून से लथपथ पड़ा था।
कुछ दिन पहले विजिलेंस को पोपली के घर से 73 अवैध कारतूस मिले थे। पोपली के पास जो लाइसेंसी पिस्टल थी, यह कारतूस उसी के थे, लेकिन इनका पंजीकरण नहीं हुआ था इसलिए पुलिस ने उन्हें जब्त कर लिया था। बड़ा सवाल यह है कि यह पिस्टल जांच का हिस्सा थी तो पुलिस ने उसे जब्त क्यों नहीं किया। पिस्टल घर में ही थी और कार्तिक को जो गोली लगी है वह उसी पिस्टल से चली है।
पोपली की पत्नी का आरोप है कि चंडीगढ़ पुलिस विजिलेंस टीम का बचाव कर रही है। विजिलेंस की प्रताड़ना के सारे सुबूत उनके मित्र के एक मोबाइल पर थे। उसमें कई सारे वीडियो थे। लेकिन यूटी पुलिस ने उसे जानबूझकर तोड़कर सारे सुबूत नष्ट कर दिए। वहीं परिवार ने विजिलेंस के डीएसपी से लेकर बड़े अधिकारियों पर संजय पोपली को जबरन फंसाने का आरोप लगाया है। संजय पोपली की करीबी दोस्त ने बताया कि सुबह पिता से मिलने के लिए कार्तिक बिना कुछ खाए-पिए ही घर से अदालत के लिए निकल गया था।
बेटे की मौत से बदहवास मां ने सरकार और अधिकारियों को कोसते हुए कहा- जो 10-10 साल से एक ही पद पर बैठे मलाई खा रहे हैं, उन्हें कोई क्यों नहीं पकड़ता, क्योंकि चढ़ावा चढ़ता है। मेरे हाथों में बेटे का खून लगा है, इन्हें तब तक नहीं धोऊंगी, जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा। विजिलेंस के जिन अधिकारियों की इसमें मिलीभगत है, उनकी वर्दी उतरवाऊंगी। हम कोई राह चलते लोग नहीं कि जो चाहा वो कर दिया और चुप बैठ जाएं। इंसाफ लेकर रहेंगे।
घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ए राजा वडि़ंग, वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा, राजकुमार चब्बेवाल, ब्रह्म मोहिंद्रा, सुखजिंदर रंधावा, गुरप्रीत जिप्पी सहित कई नेता मौके पर पहुंचे। राजा वडि़ंग ने कहा कि मृतक के परिवार के साथ हम दुख बांटने आए हैं। परिवार से मिलकर घटना के बारे में जानकारी लेंगे। उसके बाद कुछ कहा जा सकता है।
श्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चला रहे हैं। ऐसे भ्रष्टाचार खत्म होगा कि लोगों के बच्चों को मारो। बरगाड़ी कांड, नशे को लेकर क्या किया सरकार ने अब तक। आरोप था मेरे पति ने 100-100 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया है, कहां है बताओ। अपना रुतबा बनाने के लिए मेरे बेटे को मार डाला। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार ठेकेदारों को अपने साथ मिलाकर ब्लैकमेल कर रही है। हमने भगवंत मान को वोट दिया और आप ने हमें क्या दिया, मेरे बेटे की लाश।
हम जांच कर वापस आ चुके थे। उसके बाद कार्तिक ने खुद को गोली मारी। हमें तो ऑफिस पहुंचने के बाद इस घटना का पता चला। उसकी मौत का दुख है। चंडीगढ़ पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। - अजय कुमार, डीएसपी, विजिलेंस ब्यूरो, पंजाब