आतंकवाद, दंगा पीड़ित परिवार और कश्मीरी प्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने इनके गुजारे भत्ते में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। अब यह भत्ता 5000 से बढ़ाकर 6000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। कश्मीरी प्रवासियों को राशन के लिए दी जाती वित्तीय सहायता 2000 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रति माह प्रति परिवार की गई है। इस फैसले से 5100 आतंकवाद/दंगा पीड़ित परिवारों और 200 कश्मीरी प्रवासियों को सालाना 6.16 करोड़ रुपये का लाभ होगा। इन परिवारों की वित्तीय सहायता में इससे पहले 2012 में वृद्धि की गई थी, जबकि कश्मीरी प्रवासियों की वित्तीय सहायता में 2005 में वृद्धि की गई थी।
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स्वामित्व स्कीम के तहत एतराज दाखिल करने की अवधि घटी
मिशन लाल लकीर को प्रभावशाली ढंग से लागू करने के लिए पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को स्वामित्व स्कीम के तहत आपत्तियां दायर करने के समय को मौजूदा 90 दिन से घटाकर 45 दिन करने का फैसला किया है। वर्चुअल मीटिंग के दौरान मंत्रिमंडल ने पंजाब आबादी देह (अधिकारों का रिकॉर्ड) बिल -2021 को मंजूरी दे दी है, जिससे मौजूदा कानून की धारा 11 (1) में संशोधन किया जा सकता है। इसके अनुसार कोई भी व्यक्ति जो सर्वेक्षण रिकॉर्ड में किसी भी सीमा की हदबंदी या सर्वेक्षण यूनिट में अधिकारों के स्थायी रिकॉर्ड में मिल्कियत के अधिकारों के संबंध में इंदराज से दुखी है, गांव के एक विशेष स्थान पर रिकॉर्ड प्रदर्शित करने के 90 दिन के अंदर एतराज दर्ज कर सकता है। पंजाब आबादी देह एक्ट राज्य भर में ‘मिशन लाल लकीर’ को लागू करने के लिए बनाया गया था क्योंकि लाल लकीर के अंदर जायदादों के लिए अधिकारों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इस वजह से ऐसी संपत्तियों को जायदाद के वास्तविक मूल्य के अनुसार मुद्रीकृत नहीं किया जा सकता और ऐसी संपत्तियों पर कोई गिरवीनामा आदि नहीं बनाया जा सकता।