पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी।
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पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रो पड़े। चन्नी ने कहा कि ‘मैंने अपने घर में आज अखंड पाठ रखा है और साल में चार बार अखंड पाठ करवाता हूं। मैंने आज तक कभी किसी से पैसा नहीं लिया। अगर कोई कहे कि मैंने किसी से तबादले के लिए पैसे लिए हैं या मेरे इलाके में कोई इतना ही कह दे कि उसने चन्नी को चाय पिलाई तो मुझे फांसी पर लटका दो। चन्नी ने कहा कि उन्होंने गुरुवार को जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब सरकार से जो सवाल पूछे थे, उससे सरकार घबरा गई है। इस कारण बैसाखी की छुट्टी के बावजूद उन्हें विजिलेंस दफ्तर बुलाया गया है ताकि परेशान किया जा सके।
उन्होंने आशंका जाहिर की है कि आप सरकार के दौरान ही गायक सिद्धू मूसेवाला का कत्ल हो गया और अब उन्हें भी मरवाया जा सकता है। चन्नी ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के जुल्म का सामना करने को तैयार हूं। पंजाब सरकार मुझे पीट सकती है, मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है। मुझे जेल में डाला जा सकता है ताकि मैं जालंधर उपचुनाव में अपनी पार्टी का प्रचार न कर सकूं।
मान ने जत्थेदार का अपमान किया
चन्नी ने आरोप लगाया कि भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार का अपमान करने की कोशिश की। पंजाब सरकार को उनके सवालों के जवाब देने चाहिए। भगवंत मान भले ही सिख परिवार में पैदा हुए हैं लेकिन उन्हें रीति रिवाजों का पता होना चाहिए। मान ने अब तक जत्थेदार से माफी नहीं मांगी है।
कांग्रेस चन्नी के साथ खड़ी है: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि विजिलेंस राज्य सरकार के दबाव में काम कर रही है। जालंधर उपचुनाव में अपनी हार और राज्य में घटती लोकप्रियता से परेशान आप सरकार को चन्नी का वह बयान रास नहीं आया जिसमें उन्होंने राज्य सरकार को दलित विरोधी करार दिया था। इसके तुरंत बाद विजिलेंस ने बिना दे चन्नी को तुरंत पेश होने का संदेश भेज दिया। राजा वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस चन्नी के साथ खड़ी है।
पूरी कांग्रेस लीडरशिप रही मौजूद लेकिन सिद्धू नहीं
चंडीगढ़ सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में उक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ पार्टी का पूरा नेतृत्व उपस्थित रहा। इनमें पंजाब कांग्रेस के प्रधान राजा वड़िंग के अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, कार्यकारी प्रधान भारत भूषण आशु, राजकुमार चब्बेवाल और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी भी मौजूद रहे लेकिन पार्टी के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू नहीं दिखे।