बता दें कि सिद्धू ने इससे पहले गुरुवार को कहा था कि वह मजीठिया के साथ-साथ सुखबीर बादल को भी हराएंगे। उन्होंने मजीठिया को बदमाशी और फिरौती का माहिर करार देते हुए कहा कि इन लोगों ने बिजनेस छीनने, लोगों में डर पैदा करने और भ्रम फैलाने के सिवाय कुछ नहीं किया। अमृतसर शहर अहंकार, बदमाशी नहीं सहता। बड़े बादल बहुत चालाक हैं। यह उनकी रणनीति है। मजीठिया को सिद्धू के सामने खड़ा करने का इरादा यह है कि दोनों उलझते रहें और सुखबीर अपनी गप्पें हांकते रहें। मैं झोटा मारूंगा, चिचड़ खुद ही मर जाएंगे। सिद्धू बादल की तरफ आएंगे। कोई राहत वाली बात ही नहीं है।
सिद्धू ने कहा कि 40 साल बाद मेरी मां को कब्र से बाहर निकाल लाए। मुझे यहां से निकालने के लिए कुरुक्षेत्र से चुनाव लड़ाने और अपनी बहू को बचाने का प्रयास किया। सुखबीर बादल एक बार जीते तो मंत्री बन गए, जबकि 4-4 बार विधायक बने लोग वहीं रह गए। इनके पास कोई प्लान हो ही नहीं सकता, क्योंकि ये खुद माफिया हैं। सिद्धू ने कई त्याग किए। कल बदलाव वाले बंदे की तुम कद्र नहीं करोगो तो भूल जाना कि कोई व्यक्ति दुनिया -जहान छोड़कर पंजाब के लिए खड़ा होगा। प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे पर सिद्धू ने कहा कि उनका स्वागत है। वे हमारे प्रधानमंत्री हैं कभी भी आएं। मैंने तो पहले भी यह कहा है कि प्रधानमंत्री होने के कारण उनका सम्मान करते हैं।