अमृतसर स्थित दरबार साहिब में 27 जुलाई को बुलाई गई पंथक कांफ्रेंस में जहां एचएसजीपीसी के खिलाफ मोर्चे का कार्यक्रम घोषित होगा, वहीं शिअद के सरपरस्त प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री का पद छोड़ने की घोषणा कर सकते हैं।
इस स्थिति में प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद पर अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार की कमान उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल के हाथ में आ सकती है।
जानकारों के अनुसार, शनिवार को हुई कोर कमेटी बैठक में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने सिख पंथ के लिए कोई भी कुर्बानी देने की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि वह पंथ की खातिर मुख्यमंत्री पद तो क्या, कुछ भी त्याग सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वह पंथक मोर्चे की अगुवाई खुद करेंगे और किसी भी हालत में एसजीपीसी को बंटने नहीं देंगे। बादल पिछली कोर कमेटी की बैठक और केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह व अरुण जेटली से मुलाकात के दौरान भी एसजीपीसी का सम्मान बहाल रखने के लिए मुख्यमंत्री पद त्यागने की बात कह चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार, सीएम बादल के पद छोड़ने पर सुखबीर को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपने पर पार्टी में पहले ही सहमति बन चुकी है। ऐसे में 27 जुलाई पंजाब और अकाली सियासत में बड़े फैसलों की गवाह बन सकती है।
हालांकि, अभी कोर कमेटी के किसी सदस्य ने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन इतना जरूर कहा कि बड़े बादल के किसी भी फैसले को पार्टी नेता टाल नहीं सकते।