वीआईपी कल्चर पर अंकुश लगाने की जरूरत पर जोर देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को अपने कैबिनेट मंत्रियों को कम से कम सुरक्षा कर्मियों के साथ चलने को कहा, जैसा कि वह अपनी सुरक्षा में पहले ही कटौती कर चुके हैं।
सोमवार सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय में मंत्रिमंडल की पहली बैठक की अध्यक्षता करते हुए चन्नी ने कहा कि यह कदम न सिर्फ अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों के उचित प्रयोग में सहायक होगा, बल्कि इस संबंध में आम लोगों को होने वाली अनावश्यक असुविधा से भी निजात मिलेगी।
सरपंचों, पार्षदों आदि निर्वाचित प्रतिनिधियों की विभागों में एंट्री को सुविधाजनक बनाने के लिए बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि संबंधित डिप्टी कमिश्नर/एसडीएम कार्यालय से एंट्री कार्ड जारी किए जाएंगे और ऐसे कार्ड धारकों को चंडीगढ़ स्थित दोनों सिविल सचिवालयों समेत राज्य के सरकारी कार्यालयों में बिना रोकटोक प्रवेश की अनुमति होगी।
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लोगों को पारदर्शी और कुशल शासन देने के लिए चन्नी ने मंत्रियों को अपनी क्षमता और योग्यता के मुताबिक काम करने को कहा, जिससे आम जनता के बीच भरोसा पैदा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उनको अतिरिक्त समय तक काम करना होगा, ताकि लोगों को अच्छा शासन देने में उनकी उम्मीदों पर खरा उतरा जा सके।
उन्होंने सभी मंत्रियों को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ डटकर काम करने का आग्रह किया, ताकि सरकार के अक्स को और निखारने के साथ-साथ लोगों खासकर जमीनी स्तर तक आम लोगों की आकांक्षाओं की पूर्ति की जा सके।