सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह
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आईएसआई ने ही उन्हें पीएम बनवाया है, वह उसके इशारे पर ही चलते हैं। कैप्टन ने कहा कि शहीद सीआरपीएफ जवानों के साथ पूरा देश खड़ा है। वह केंद्र सरकार से अपील करते हैं हमले का उपयुक्त जवाब देना यकीनी बनाया जाए। बाद में मीडिया से बातचीत में सीएम ने कहा कि शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए पाक को अपना रवैया बदलना होगा। रिपोर्ट के मुताबिक वह पंजाब में गड़बड़ी की फिराक में है, जहां 28 आतंकी ग्रुपों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आईएसआई के इशारे पर काम कर रही सिख फॉर जस्टिस रेफ्रेंडम 2020 द्वारा शांति में विघ्न डालने की कोशिश इसका संकेत है।
मुंह तोड़ जवाब देने में समर्थ है पुलिस
सीएम ने कहा यह 1970 नहीं है, बाजवा और आईएसआई ने पंजाब में कोई भद्दी कोशिश की तो उसे करार जवाब दिया जाएगा। आतंकवाद के दौर में पुलिस फोर्स डट कर लड़ी। अब हमारे पास 81 हजार जवानों की हर तरस से लैस फोर्स है जो अग्नि परीक्षा से गुजरी हुई है। इसकी मिसाल लुधियाना सामूहिक दुष्कर्म से ली जा सकती है, जिसे दो दिन में हल कर लिया गया।
सदन में बोलते हुए बिक्रम मजीठिया ने कहा कि सीएम ने एक सैनिक और सच्चे भारतीय के तौर पर विचार रखे हैं। पहले ऐसा भयानक हमला कभी नहीं हुआ, शहीदों की संख्या बढ़ती जा रही है। पाकिस्तान और वहां के पीएम इमरान खान की निंदा संबंधी सदन की अपील को रिकॉर्ड पर रखना चाहिए। इस हमले से इमरान का दोहरा किरदार जाहिर हुआ है।
परिजनों को एक करोड़ दें : चीमा
नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने सदन में मांग की कि सरकार शहीद जवानों के परिजनों को एक-एक करोड़ और सरकारी नौकरी दे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमले से सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की नाकामी सामने आई है। राज्य और केंद्र सरकारों को खुफिया एजेंसियों को और मजबूत करना होगा।
स्थायी हल निकाला जाए: बादल
पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि यह बहुत ही दर्दनाक, अफसोसनाक है, इससे सारे हिंदुस्तान को दुख हुआ है। वह अपील करते हैं कि इसका स्थायी हल निकाला जाए। वरना हम एक-दो दिन में भूल जाएंगे और यह ऐसा ही चलता रहेगा। यह न सिर्फ कीमती नौजवानों का नुकसान है, बल्कि हिंदुस्तान की गैरत, इज्जत पर भी बड़ा हमला है। वह केंद्र से अपील करते हैं कि शहीदों के परिवारों को अडॉप्ट करे, इनके बच्चों, माता-पिता की तकलीफें दूर करे, जरूरतें पूरी करे। बड़ी आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।