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भगवंत मान ने की ‘लोक मिलनी’ की शुरुआत: पहले दिन 61 लोगों की शिकायतें सुनीं, दो तहसीलदारों पर तुरंत कार्रवाई का आदेश

Mon, 16 May 2022 04:07 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भगवंत मान ने ट्वीट किया कि मैंने 'लोक मिलनी' के तहत पंजाब भवन में लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। सरकार ने 2 महीने पूरे कर लिए हैं, लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए बड़े फैसले लिए हैं।
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सीएम भगवंत मान ने जनता दरबार में सुनीं लोगों की समस्याएं। - फोटो : twitter @BhagwantMann
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को जनता की शिकायतों का मौके पर निपटारा करने के लिए अपनी सरकार के पहले नए कार्यक्रम ‘लोक मिलनी’ का आगाज किया। पंजाब भवन में इस कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह मेरी सरकार का एक विनम्र प्रयास है, जिससे यह यकीनी बनाया जा सके कि हम लोगों को उनके लंबे समय से लटकते प्रशासनिक मुद्दों को हल करने के लिए सुविधा उपलब्ध कर सकें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद लोगों की शिकायतों के तत्काल निपटाना है। उनकी सरकार के उच्च अधिकारी इस ‘लोक मिलनी’ के दौरान उनके साथ हैं जिससे लोगों की तरफ से उठाए गए मामलों का मौके पर ही निपटारा किया जाए। इस पहल का मकसद यह यकीनी बनाना है कि लोगों को अपने काम करवाने के लिए परेशान न होना पड़े। 

पंजाब भवन में इस ‘लोक मिलनी’ के दौरान 61 शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के आगे अपनी शिकायतें रखी। ज्यादातर शिकायतें संपत्ति विवाद, संपत्ति पर कब्जे, पुलिस ज्यादतियों से संबंधित रहीं। कुछ लोग नौकरी न मिलने की शिकायतें लेकर भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर उपस्थित अलग-अलग विभागों के उच्च अधिकारियों को हिदायत की है कि इन शिकायतों का समयबद्ध और नतीजा प्रमुख ढंग से तुरंत निपटारा किया जाए। 
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Today the people’s own CM made people meet. The needy people who reached their beloved leader with their issues returned home with great joy and satisfaction as CM Sardar Bhagwant Mann listened to them carefully and resolved all issues.

View attached media content

- Aam Aadmi Party - Punjab (@AAPPunjab) 16 May 2022

भगवंत मान ने कहा कि वह हर हफ्ते निजी तौर पर इन शिकायतों की प्रगति की निगरानी करेंगे। इस काम की प्रक्रिया में किसी भी तरह की ढील को किसी भी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस भर्ती परीक्षा का निष्पक्ष और पारदर्शी नतीजा जल्द ही घोषित किया जाएगा और चयनित उम्मीदवारों को जल्द ही नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।

शगुन स्कीम का लंबित बकाया तुरंत जारी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण विभाग को योग्य लाभार्थियों को ‘शगुन स्कीम’ के लंबित बकाया तुरंत जारी करने को कहा। एक अन्य शिकायत पर भगवंत मान ने जल स्रोत विभाग को यह यकीनी बनाने को कहा कि प्रत्येक लाभार्थी को बिना किसी पक्षपात के पीने वाले पानी की सप्लाई की जाए। डॉ. सीमा रानी, जिसके पति का करीब दो साल पहले कोविड-19 महामारी के दौरान देहांत हो गया था, की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वह सरकार की नीति के अनुसार जल्दी से जल्दी नौकरी देने को यकीनी बनाएं।

दो तहसीलदारों पर तुरंत कार्रवाई का आदेश
आप सरकार के पहले ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने दो तहसीलदारों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को दो तहसीलदारों के खिलाफ लोगों की तरफ से शिकायतें मिली थीं।

‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में लोगों ने किया हंगामा
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में अपनी व्यथा लेकर इतने लोग पहुंच गए कि सबको मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल सका। नतीजतन पंजाब भवन में कार्यक्रम के दौरान बाहर खड़े सैकड़ों लोग, जोकि प्रदेश के दूर-दराज जिलों से भीषण गर्मी में चंडीगढ़ पहुंचे थे, ने सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पंजाब भवन के भीतर जब तक ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम चलता रहा, तब तक बाहर खड़ी भीड़ पुलिस से भीतर जाने का आग्रह करती रही और इस दौरान नाराज लोग नारेबाजी भी करते रहे।

दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से सोशल मीडिया पर यह संदेश दिया गया था कि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या लेकर सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में 11 बजे से आयोजित होने वाले ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में पहुंच सकता है। संदेश में यह दावा भी किया गया कि लोगों की समस्या का 24 घंटे में समाधान होगा। 

यह संदेश पढ़कर अबोहर-फाजिल्का, फिरोजपुर समेत दूर-दराज के जिलों से भारी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर चंडीगढ़ पहुंचे। यहां पहुंचने पर लोगों को पता चला कि ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के शामिल होने के लिए पहले से पंजीकरण कराना जरूरी था, जो उनके जिलों में डीसी दफ्तरों में किया गया था। यह जानकारी मिलने के बाद लोग न तो पंजाब भवन में प्रवेश ही कर पाए और न ही लौटने की स्थिति में थे। डेढ़ घंटे के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान बाहर खड़ी भीड़ को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोके रखा, जबकि लोग पुलिस से पंजाब भवन में जाने देने के लिए आग्रह करते रहे। बाद में नाराज लोगों ने पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी की लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को रोके रखा।
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मुख्यमंत्री के प्रति लोगों में दिखी नाराजगी
जिन लोगों को ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिल सका, उनमें अधिकांश लोग मुख्यमंत्री के प्रति नाराज दिखे। लोगों का कहना था कि जब गिनती के लोगों को ही बुलाना था तो सोशल मीडिया पर आम लोगों को पंजाब भवन पहुंचने का संदेश क्यों दिया गया। कई लोगों ने शिकायत की कि वह इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए 300 किमी की दूरी तय करके पहुंचे हैं। इसके लिए वह भोर में ही घर से चल पड़े थे लेकिन यहां उनकी सुनवाई नहीं हुई।

संगरूर से आए अवतार सिंह का संपत्ति विवाद था, जिसे लेकर पुलिस ने भी उनकी मदद नहीं की, इसलिए वह मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी फरियाद लेकर पहुंचे लेकिन पुलिस ने उन्हें भीतर नहीं जाने दिया। अवतार सिंह ने यह भी कहा कि रात को टीवी पर ‘लोक मिलनी’ का संदेश सुना, जिसके आधार पर ही वह चंडीगढ़ आए हैं। संदेश में यह नहीं बताया गया था कि कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पंजीकरण कराना जरूरी है। अगर पता होता तो वह बिना पंजीकरण यहां नहीं आते।

कर्मचारी संगठन, पंचायतों के सदस्य भी पहुंचे
‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में जहां आम लोगों को अपनी शिकायतें देने के लिए न्योता दिया गया था, वहीं पंजाब भवन के बाहर अनेक कर्मचारी संगठनों के नेता, पंचायतों के सदस्य और विभागीय समस्याओं से परेशान लोग भी भारी संख्या में पहुंचे थे। पीआरटीसी मुलाजिम यूनियन के नेता यह शिकायत लेकर पहुंचे थे कि कर्मचारियों की पेंशन बंद की गई है, जिसे फिर से शुरू किया जाए लेकिन वह मुख्यमंत्री से नहीं मिल सके। 

शिक्षा प्रोवाइडर कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार द्वारा 13 हजार मुलाजिमों को पक्का करने के लिए अब तक कुछ नहीं किया जा रहा। फायर बिग्रेड के कर्मचारी भी अपनी व्यथा लेकर पहुंचे थे कि उन्हें मात्र 9,500 रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। वह चाहते हैं कि उनका वेतन कम से कम 20 हजार रुपये किया जाना चाहिए। इसी तरह कई पंचायतों के सदस्य भी संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण अटके अपनी गांवों की समस्याएं लेकर पहुंचे लेकिन मुख्यमंत्री को बता नहीं सके। गांव चंदपुर निवासी राजेश कुमार ने बताया कि उनकी जमीन पर एक कांग्रेस नेता ने कब्जा कर लिया है और पुलिस व बीडीपीओ को शिकायत देने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
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