पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एलान किया है कि अब राज्य में कुदरती आफत से फसल बर्बाद होने पर किसानों को पहले मुआवजा दिया जाएगा, बाद में गिरदावरी प्रक्रिया मुकम्मल कराई जाएगी। सीएम ने शनिवार को यहां आयोजित एक समागम में जिले के नरमा किसानों को मुआवजे का चेक प्रदान किए। उन्होंने मालवा पट्टी में सफेद और गुलाबी सुंडी से नरमा फसलों के बर्बाद होने के लिए घटिया बीज और कीटनाशकों को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भी एलान किया।
मानसा की नई अनाज मंडी में दोपहर बाद एक कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री मान ने 15 नरमा किसानों को जिनकी फसल प्राकृतिक आपदा के कारण बर्बाद हो गई थी, को 17 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजे दिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि फसलों की बर्बाद हो जाने पर मुआवजा लेने के लिए भी किसानों को जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
फसल की गिरदावरी होने के बाद मुआवजा दिया जाता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की ‘आप’ सरकार कुदरती आफत से बर्बाद होने पर फसल का पहले मुआवजा देती है और बाद में गिरदावरी करवाती है। भविष्य में पंजाब में भी यही व्यवस्था लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि विगत समय में मालवा क्षेत्र में नरमा की फसल को सफेद और गुलाबी सुंडी से नुकसान के लिए कुदरती आफत नहीं बल्कि किसानों को घटिया बीज और स्प्रे देने वाली सरकारें जिम्मेदार हैं।
अगर उस समय किसानों को मानक बीज और असली कीटनाशक उपलब्ध करवाए जाते तो आज किसान परिवार गरीबी के शिकार नहीं होते। उन्होंने कहा कि किसानों का शोषण घटिया बीज या दवाओं के साथ ही नहीं किया जाता था बल्कि फसल का नुकसान हो जाने पर उनको नाममात्र मुआवजा देकर कोरा मजाक भी किया जाता रहा। रोटी देने वाले अन्नदाता को सरकारों ने भिखारी बना कर रख दिया।
लाभ का धंधा बनाएंगे खेती
खेती को लाभ का धंधा बनाने का वादा करते हुए भगवंत मान ने कहा कि हमारी सरकार अलग-अलग विश्वविद्यालयों के माहिरों के साथ विचार विमर्श कर रही है ताकि नई तकनीक लाकर किसानों को अच्छे लाभ वाली फसलें बोने के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्होंने कहा कि हम खेती को घाटे का सौदा या मजबूरी का धंधा नहीं रहने देंगे, क्योंकि पंजाब खेती प्रधान प्रदेश होने के कारण यहां के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।