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Punjab: थानेदारों को CM मान ने सौंपी 410 हाईटेक गाड़ियां, बोले- पंजाब में कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं देंगे

Wed, 28 Feb 2024 08:50 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डीजीपी गौरव यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि 315 एसएचओ एक छत के नीचे एक साथ एकत्रित हैं। हम थाने मजबूत करने में लगे हैं ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। थानों में नई गाड़ियां दी जा रही हैं।
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वाहनों को हरी झंडी दिखाते सीएम भगवंत मान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर स्थित फिल्लौर की पंजाब पुलिस अकादमी में पंजाब के सभी थाना प्रभारियों को नई गाड़ियां सौंपीं। इस दौरान सीएम मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने गाड़ियां तो खरीदीं मगर वह गाड़ियां सिर्फ एसएसपी या बड़े अधिकारियों को दी जाती थीं। गाड़ी खराब होने के बाद अधिकारी नीचे थानेदारों को भेज देते थे।

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सीएम भगवंत सिंह मान ने बुधवार को पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में 410 हाईटेक गाडियां थाना सौंपी। इनमें 315 गाड़ियां पंजाब के सभी जिलों के पुलिस स्टेशन के एसएचओ को दी जा रही हैं। इनमें 274 महिंद्रा स्कॉर्पियो और 41 इस्यू हाई लैंडर्स शामिल हैं। साथ ही महिला सुरक्षा के लिए 71 किआ कैरेंस और 24 टाटा टियागो (ईवी) दी जा रही हैं। इस दौरान पंजाब के डीजीपी गौरव यादव, डीजीपी कानून व्यवस्था अर्पित शुक्ला समेत कई आला अधिकारी थे।

सीएम मान ने कहा कि डीजीपी को मैंने इसी शर्त पर गाड़ियां खरीदने को कहा था कि यह गाड़ियां एसएचओ लेवल के अधिकारियों को ही दी जाएंगी जो कि अपना काम ढंग से कर सकें। सीएम भगवंत मान ने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। मतलब जब बेरोजगारी होगी तो क्राइम अपने आप बढ़ेगा, क्योंकि खाली आदमी हमेशा बुरी संगत की ओर जल्दी बढ़ता है। अपराध को कम करने के लिए हम युवाओं को नौकरियां दे रहे हैं। इससे क्राइम अपने आम कम होगा। बच्चों को खेलों की ओर बढ़ाया जा रहा है।
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सीएम मान ने कहा कि राज्य की सड़कों पर सुरक्षा बल के गठन से थाना प्रभारियों पर दवाब कम हुआ है। पहले एक दिन में पंजाब में 18 मौतें सिर्फ सड़क हादसे से होती थीं। मतलब एक महीने में करीब 500 से ज्यादा मौतें। इन गाड़ियों को लोहा काटने वाली कटर सहित अन्य औजार मुहैया करवाए गए हैं। जिससे वह तुरंत किसी वाहन को काटकर व्यक्ति को उसमें से निकल सकें और उसकी जान बचाई जा सके। इस फोर्स में तैनात मुलाजिमों की ट्रेनिंग भी हुई है। सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के 15 दिन बाद ही 204 से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जिनकी जान बचाई गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। 15 दिन में सिर्फ 15 केस ऐसे आए हैं, जिनमें सड़क हादसे में मौत हुई हो।

डीजीपी गौरव यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है कि 315 एसएचओ एक छत के नीचे एक साथ एकत्रित हैं। हम थाने मजबूत करने में लगे हैं ताकि अपराधियों पर नकेल कसी जा सके। थानों में नई गाड़ियां दी जा रही हैं। डीजीपी यादव ने कहा कि अगले साल हमारे पास साढ़े 800 से ज्यादा गाड़ियां और आ रही हैं। 

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