पंजाब में नशे पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को राज्य के सभी एसएसपी/पुलिस कमिश्नरों को ड्रग माफिया चला रहे बड़े मगरमच्छों को काबू करने के लिए साझा कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने इस काम में नशा विरोधी टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ तालमेल करने को भी कहा।
नशा तस्करों से मिलीभगत वाले लोगों के प्रति कोई नरमी न बरतते हुए मुख्यमंत्री ने नशा तस्करों को संरक्षण देने वाले कसूरवार पुलिस अधिकारियों को सजा देने के लिए कारगर विधि तैयार करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने डीजीपी को बरामदगी के दौरान जब्त किए नशे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रसारित न करने के लिए सभी जिला पुलिस मुखियों को दिशा-निर्देश जारी करने को कहा क्योंकि यह प्रक्रिया भोले-भाले लोगों को जल्दी पैसा कमाने के लिए आकर्षित करती है। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब्त की गई मात्रा, बरामदगी वाली जगह और मुलजिमों के विवरणों संबंधी बाकी जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है।
पंजाबी गायकों की तरफ से फैलाए जा रहे बंदूक सभ्याचार और गैंगस्टरवाद के रुझान की निंदा करते हुए भगवंत मान ने उनको अपने गीतों द्वारा समाज में हिंसा, नफरत और दुश्मनी को भड़काने से गुरेज करने की अपील की। उन्होंने गायकों को न्योता दिया कि वे ऐसे गीतों द्वारा समाज विरोधी गतिविधियों को तूल देने के बजाय पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के मूल्यों पर चलते हुए शांति और सद्भावना की जड़ों को और मजबूत करने के लिए योगदान डालें। भगवंत मान ने इन गायकों को कहा कि वे पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को प्रफुल्लित करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाएं। यह हमारा फर्ज बनता है कि ऐसे गायकों को अपने गीतों द्वारा हिंसा फैलाने की इजाजत न दी जाए जो अक्सर नौजवानों खास कर जल्दी प्रभावित होने वाले बच्चों को बिगाड़ते हैं। हम पहले तो उनको ऐसे रुझान को आगे न बढ़ाने की अपील करते हैं, नहीं तो सरकार उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी।