इस्तीफा देकर निकले चरणजीत चन्नी।
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मंत्रिमंडल की ओर से शुक्रवार को 15वीं पंजाब विधानसभा को भंग करने के लिए राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को सिफारिश करने की मंजूरी दे दी गई। इस संबंध में फैसला मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई वर्चुअल कैबिनेट मीटिंग के दौरान लिया गया। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा भी उन्हें सौंपा है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के राज्यपाल भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 की धारा (2) की उप-धारा (बी) के अनुसार राज्य विधानसभा को भंग करने के लिए अधिकृत हैं।
यह कदम एक सांविधानिक आवश्यकता के तौर पर अब 16वीं पंजाब विधानसभा के गठन के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा। मीटिंग के अंत में मुख्यमंत्री ने मौजूदा सरकार के कार्यकाल के दौरान राज्य में समग्र विकास और अमन-शांति को कायम रखने के लिए अपने सभी कैबिनेट साथियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और लोगों का धन्यवाद किया।
मुख्यमंत्री ने आने वाली सरकार को भी बधाई दी और आशा व्यक्त की कि नई सरकार लोगों से किए गए वादों को पूरी गंभीरता से लागू करेगी। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि उनकी सरकार द्वारा जनहित में लिए गए फैसलों जैसे बिजली दरों में कटौती, तेल पर वैट घटाने के अलावा रेत-बजरी के रेट घटाने आदि को अगली सरकार द्वारा भी जारी रखा जाएगा।
चन्नी ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा
कैबिनेट की बैठक के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने राजभवन जाकर राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित से मुलाकात की और मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा उन्हें सौंप दिया। उल्लेखनीय है कि चन्नी ने दो विधानसभा सीटों- चमकौर साहिब और भदौड़ से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे दोनों सीटों पर आप प्रत्याशियों से हार गए।