सरकार का मानना है कि मिशन लाल लकीर के लागू होने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इस संपत्तियों को लेकर उठने वाले अधिकार संबंधी मामलों को अब मुकदमों द्वारा निपटाया जा सकेगा। लाल डोरे के अंदर वाली शामलात जमीनें जैसे तालाब, सभा वाले स्थान और ऐसे रास्ते-गलियां जिनका रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण कब्जे किए जा रहे हैं, को मिशन के अधीन अब सुरक्षित किया जाएगा।
किसानों को अलॉट होंगी उनके कब्जे वाली जमीनें
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने एक निर्धारित कीमत पर अनाधिकृत छोटे और मझोले किसानों को उनके कब्जे वाली जमीन की अलॉट करने के लिए ‘द पंजाब (भूमि रहित, सीमांत और छोटे किसानों की भलाई और व्यवस्था करना) अलॉटमेंट ऑफ स्टेट गवर्नमेंट लैंड रूल्स, 2021’ को भी मंजूरी दी है।
यह फैसला सरकार को सरकारी जमीनों के अनाधिकृत कब्जे के संबंध में राजस्व मिलने को यकीनी बनाएगा और लंबे समय से चल रहे अनावश्यक मुकदमों से भी छुटकारा दिलाएगा। इसके तहत योग्य व्यक्ति अलॉटमेंट कमिश्नर को आवेदन देगा। पटवारी से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अलॉटमेंट पत्र जारी होगा।
यह कुल कीमत की 25 प्रतिशत की अदायगी के बाद जारी होगा। बाकी 75 प्रतिशत भुगतान एकमुश्त या छह बराबर किस्तों में अदा करना होगा। 25 प्रतिशत की समय पर अदायगी न होने की सूरत में अलॉटमेंट पत्र जारी नहीं किया जाएगा और यह रद्द कर दी जाएगी। वहीं, किस्तों की अदायगी में डिफाल्टर होने की स्थिति में आखिरी भुगतान के तीन महीने के अंदर-अंदर छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी। सारी रकम की अदायगी के बाद इंतकाल किसान के नाम पर कर दिया जाएगा।