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कैबिनेट का बड़ा फैसला : लाल डोरे के बाहर की संपत्तियों की तय होगी कीमत, लोन मिलना होगा आसान

Sat, 20 Feb 2021 01:16 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • पंजाब कैबिनेट ने सभी गांवों में मिशन लाल लकीर को लागू करने को दी मंजूरी
  • प्रदेश के सभी गांवों में लाल डोरे और इसके आसपास की संपत्तियों की होगी मैपिंग
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कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पंजाब के ग्रामीणों को लाल डोरे के बाहर अपनी जमीनों, संपत्तियों का न सिर्फ सही मूल्य मिल सकेगा बल्कि बैंकों से लोन लेना भी आसान हो जाएगा। पंजाब कैबिनेट ने शुक्रवार को राज्यभर के सभी गांवों में मिशन लाल लकीर लागू करने को मंजूरी दे दी। इसके तहत ग्रामीणों को लाल डोरे के बाहर की उनकी संपत्तियों के मुद्रीकरण का अधिकार और सरकारी विभागों, संस्थाओं व बैंकों के जरिए मिलने वाले अलग-अलग लाभों का फायदा मिल सकेगा।

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राज्य में अब तक लाल डोरे के बाहर की संपत्तियों का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण इनका असली मूल्य के अनुसार मुद्रीकरण नहीं किया जा सकता था। इन्हें गिरवी भी नहीं रखा जा सकता था। कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब मिशन लाल लकीर के तहत स्वामित्व के आधार पर भारत सरकार के सहयोग से राज्य के गांवों में लाल डोरे के बाहर की संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

इससे लाल डोरे के आसपास की जमीनों, घरों, निवास स्थानों और अन्य सभी इलाकों की मैपिंग की जा सकेगी। राज्य में फिलहाल ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा चलाई जा रही स्वामित्व स्कीम को मुख्यमंत्री के आदेश पर राजस्व एवं पुनर्वास विभाग को ट्रांसफर किया जाएगा। 

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ये फायदे भी होंगे 

सरकार का मानना है कि मिशन लाल लकीर के लागू होने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार होगा। इस संपत्तियों को लेकर उठने वाले अधिकार संबंधी मामलों को अब मुकदमों द्वारा निपटाया जा सकेगा। लाल डोरे के अंदर वाली शामलात जमीनें जैसे तालाब, सभा वाले स्थान और ऐसे रास्ते-गलियां जिनका रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण कब्जे किए जा रहे हैं, को मिशन के अधीन अब सुरक्षित किया जाएगा।

किसानों को अलॉट होंगी उनके कब्जे वाली जमीनें
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने एक निर्धारित कीमत पर अनाधिकृत छोटे और मझोले किसानों को उनके कब्जे वाली जमीन की अलॉट करने के लिए ‘द पंजाब (भूमि रहित, सीमांत और छोटे किसानों की भलाई और व्यवस्था करना) अलॉटमेंट ऑफ स्टेट गवर्नमेंट लैंड रूल्स, 2021’ को भी मंजूरी दी है। 

यह फैसला सरकार को सरकारी जमीनों के अनाधिकृत कब्जे के संबंध में राजस्व मिलने को यकीनी बनाएगा और लंबे समय से चल रहे अनावश्यक मुकदमों से भी छुटकारा दिलाएगा। इसके तहत योग्य व्यक्ति अलॉटमेंट कमिश्नर को आवेदन देगा। पटवारी से विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अलॉटमेंट पत्र जारी होगा। 

यह कुल कीमत की 25 प्रतिशत की अदायगी के बाद जारी होगा। बाकी 75 प्रतिशत भुगतान एकमुश्त या छह बराबर किस्तों में अदा करना होगा। 25 प्रतिशत की समय पर अदायगी न होने की सूरत में अलॉटमेंट पत्र जारी नहीं किया जाएगा और यह रद्द कर दी जाएगी। वहीं, किस्तों की अदायगी में डिफाल्टर होने की स्थिति में आखिरी भुगतान के तीन महीने के अंदर-अंदर छह प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने की अनुमति दी जाएगी। सारी रकम की अदायगी के बाद इंतकाल किसान के नाम पर कर दिया जाएगा।
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