यह अनुमान प्रत्येक मद में कर राजस्व और गैर-कर राजस्व में सबकुछ ठीकठाक रहने के आधार पर लगाया गया है। यानी सरकार का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में पंजाब में वाहनों की बिक्री में इजाफा होगा और इससे सरकार को 2575 करोड़ रुपये का टैक्स मिलने का अनुमान लगाया गया है। बीते वर्ष 2200 करोड़ का अनुमान लगाया गया था, जिसमें 2155.11 करोड़ रुपये की कमाई हुई थी।
चीमा ने जीएसटी कलेक्शन 16200 करोड़ रुपये की पिछले साल की कमाई के मुकाबले 2022-23 में 20550 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि वैट कलेक्शन जोकि पिछले साल 7000 करोड़ रुपये था, नए वित्त वर्ष में 6250 करोड़ रहने का अनुमान है। दूसरी ओर, शराब से होने वाली कमाई में करीब 30 फीसदी के इजाफे का अनुमान लगाया गया है।
पिछले साल जहां 6200 करोड़ रुपये मिले थे, वहीं इस साल 9647.87 करोड़ मिलने की उम्मीद है। वैसे मुफ्त बिजली योजना के चलते इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी घटने का अनुमान भी है। बजट में रोडवेज और शहरी विकास, केंद्रीय करों का हिस्सा, केंद्र सरकार की ग्रांट आदि बढ़ने का अनुमान लगाया गया है।
नए बजट में राजस्व प्राप्तियां 95378.28 करोड़ होने का अनुमान है, जो पिछले साल के 95257.60 करोड़ के आसपास है लेकिन पिछले साल के अनुमान उस समय धरे रह गए थे जब सरकार को 81458.12 करोड़ ही राजस्व के रूप में प्राप्त हुए। संभवत: वित्त मंत्री ने पिछले साल के आंकड़ों को देखते हुए ही पूंजीगत प्राप्तियों से कम ही उम्मीद रखी है।
वर्ष 2021-22 में पूंजीगत प्राप्तियों का अनुमान 67341.09 करोड़ का लगाया गया लेकिन वास्तविक प्राप्ति 46309.53 करोड़ ही रही। नए बजट में इस मद में 55750.99 करोड़ रुपये हासिल होने का अनुमान लगाया गया है। वर्ष 2022-23 में 35051 (23 फीसदी) सरकारी कर्ज लेने का बजट में प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा राज्य के अपने करों में 45588 करोड़ (30 फीसदी) आमदन का लक्ष्य रखा है, जबकि उपाय व साधन पेशगियों से 20000 करोड़ (13 फीसदी), केंद्रीय करों से 14757 (10 फीसदी), राज्य के अपने गैर करों से आमदन से 6302 करोड़ (4 फीसदी) व गैर-कर्जा प्राप्तियों से 700 करोड़ (1 फीसदी) आने का अनुमान है। ऐसे में सरकार को अपना खर्च चलाने के लिए बाजार से कर्ज लेना ही पड़ेगा।
इसमें से भी 20122 करोड़ रुपये (13 फीसदी) ब्याज अदायगियों में चला जाएगा जबकि 15946 करोड़ सरकारी ऋण की अदायगियों, 20000 करोड़ उपाय व साधन पेशगियों की अदायगी में चला जाएगा। इसके अलावा 15146 करोड़ रुपये पेंशन व सेवानिवृत्तियों के लाभ, 31172 करोड़ रुपये वेतन व अन्य भत्तों सहित सहायता ग्रांट वेतन में चला जाएगा। 41492 करोड़ अन्य राजस्व खर्चों में चला जाएगा। इसके अलावा 10981 करोड़ पूंजीगत खर्च में चला जाएगा और 1000 करोड़ कर्ज की पेशगियों में चला जाएगा।
दिल्ली की वित्त मंत्री ने भी सुना बजट भाषण
पंजाब विधानसभा में सोमवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया और आप सांसद विक्रम साहनी भी उपस्थित थे। उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए गए वर्ष 2022-23 के बजट को पूरा समय दीर्घा में बैठकर सुना।