पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा।
- फोटो : फाइल
पंजाब में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं। कांग्रेस जहां अंदरूनी कलह से जूझ रही है, वहीं अब बयानबाजियों का दौर भी शुरू हो गया है। ताजा विवाद सीएम चरणजीत चन्नी के एक बयान पर उपजा है। विधानसभा में दिए बयान में चन्नी ने कहा था कि अकाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को पंजाब में लेकर आए। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा को पंजाब में कोई घुसने नहीं देता। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
यह भी पढ़ें - एक ठग ऐसा भी: 24 साल में बनाई 100 करोड़ की संपत्ति, घर से मिला ऐसा सामान.. पुलिस भी रह गई हैरान
शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा विधानसभा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) व भाजपा के विरुद्ध बयान दिया गया। सत्ता के मद में मुख्यमंत्री ने मानसिक संतुलन खो दिया है, जिस कारण वह ऐसे बेतुके बयान दे रहे हैं। यह बयान उनके पद की मर्यादा के विरुद्ध है।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री चन्नी ने अकालियों को कहा कि वह आरएसएस को पंजाब में लेकर आए। लगता है चन्नी ने या तो इतिहास पढ़ा नहीं है या फिर उन्हें इतिहास का ज्ञान कम है। आरएसएस को मुख्यमंत्री के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। चन्नी अपनी बयानबाजी से पंजाब की शांति और भाईचारे का माहौल खराब करने पर तुले हुए हैं। लगता है कि सीएम चन्नी का मुख्य मकसद पंजाब में 1984 का काला दौर दोबारा सजीव करने का है।
शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह करने का काम कर रही है और साढ़े चार वर्षों में जिन कांग्रेस मंत्रियों ने जमकर लूटा, वही आज जनता का मसीहा बनने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं लेकिन पंजाब की जनता इस बार इन कांग्रेसियों के झूठे वादों के झांसे में नहीं आएगी और इसका जवाब चुनाव में अपनी वोट की ताकत से देकर कांग्रेस को करारा सबक सिखाएगी।