पंजाब कांग्रेस के पोस्टरों पर होंगे सुनील जाखड़, सीएम चन्नी और नवजोत सिद्धू की फोटो होगी।
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पंजाब कांग्रेस में दो महीने से चल रही पोस्टर जंग पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। अब मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ भी प्रचार के पोस्टर और बैनरों में दिखाई देंगे। चुनाव प्रचार समिति की सहमति के बाद पार्टी आलाकमान ने भी इस फैसले पर अंतिम मुहर लगा दी है। राज्यभर में लगाए जा रहे पोस्टरों में अभी तक चन्नी की फोटो लगाई जा रही है, जिसको लेकर सिद्धू सहित पार्टी के अन्य नेता सवाल उठाते रहे हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया। उनके चेहरे को पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग के रूप में प्रचारित प्रसारित कर रही है। अभी तक उनके कार्यकाल में किए जा रहे फैसलों को उनके चेहरों के साथ पोस्टर बैनर पर प्रचारित किया जा रहा है। प्रचार के इस माध्यम पर सिद्धू सहित कांग्रेस के कई नेता सवाल खड़ा कर चुके हैं। सिद्धू तो सार्वजनिक मंच से चन्नी के पोस्टर-बैनर पर सवाल खड़े कर चुके हैं। इसके बाद चुनाव प्रचार समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें चुनाव को एक धारा में लेकर जाने पर चर्चा हुई।
इसके बाद भी पार्टी के अन्य किसी नेता की फोटो नहीं लगाए जाने के बाद हाल ही में फिर से चुनाव प्रचार समिति की बैठक बुलाई गई। इसमें पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए थे। इसमें यह तय किया गया कि चुनाव अभियान के बैनर और पोस्टर में अकेले मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि तीनों नेताओं की तस्वीरें होंगी। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि चुनाव सामूहिक रूप से चन्नी के साथ अनुसूचित चेहरे के रूप में, सिद्धू जाट चेहरे के रूप में और जाखड़ के हिंदू चेहरे के रूप में लड़ा जाएगा। पोस्टरों में तीनों नेताओं की तस्वीरें प्रकाशित की जाएंगी।
कैप्टन के कामों को लेकर भी होगा प्रचार
पंजाब कांग्रेस 2022 के चुनावी रण में पांच साल के दौरान किए गए कामों को लेकर जनता के बीच जाएगी। पार्टी के नीति निर्धारकों ने तय किया है कि चन्नी के साथ ही कैप्टन के कार्यकाल के कामों को भी प्रचार में शामिल किया जाएगा। 5 जनवरी को फिरोजपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के बाद आचार संहिता की घोषणा होने की आशंका को देखते हुए आने वाले दिनों में शुरू होने वाले अभियान का रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री चेहरे पर अब भी संशय
2022 के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अब भी संशय बना हुआ है। सिद्धू लगातार चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष के बीच मतभेद भी होते दिखाई दे रहे हैं। रंधावा भी इसको लेकर सिद्धू की खिलाफत कर चुके हैं। हालांकि अभी तक पार्टी आलाकमान की ओर से इस मामले में कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।