Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ म्युनिसिपल कारपोरेशन को सुखना लेक पर आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ लेक पर रोशनी का प्रबंध न होने पर प्रशासन को ध्यान देने की हिदायत दी है।
शुक्रवार को स्वत: संज्ञान मामले के साथ एक और याचिका पहुंची, जिसमें सुखना के लिए ट्यूबवेल से पानी दिए जाने को चुनौती दी गई थी। इस दौरान याची पक्ष की दलीलों और याचिका का अध्ययन करने के बाद कोर्ट ने पाया कि याचिका में तथ्य पूरे नहीं हैं। ऐसे में याची ने हाईकोर्ट से नए सिरे से याचिका दाखिल करने की छूट के साथ ही वर्तमान याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई आरंभ हुई। इस दौरान सुखना लेक पर आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या का मुद्दा उठा।
इस दौरान कोर्ट को बताया गया कि इस दिशा में प्रयास होते आए हैं। हाईकोर्ट ने अभी तक के प्रयास को नाकाफी मानते हुए संजीदगी से लेक को आवारा कुत्तों से मुक्त करवाने की दिशा में काम करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासन से पूछा कि 7 ट्यूबवेल के माध्यम से सुखना को भरने के चलते कहीं आम लोगों को पीने के पानी की समस्या तो नहीं आ रही है। इस पर प्रशासन के पास ठोस आंकड़े मौजूद नहीं थे।