डेरा सच्चा सौदा के उपाध्यक्ष डॉ. पृथ्वी राज नैन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेअदबी मामले में किसी भी किस्म की कार्रवाई से पहले सात दिन का नोटिस देने की मांग की है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार समेत एसआईटी प्रमुख को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि एसआईटी गवाह के तौर पर नैन से पूछताछ कर सकती है लेकिन अगर आरोपी के तौर पर उनसे पूछताछ करनी है तो इससे पहले उन्हें नोटिस दिया जाए। डॉ. पृथ्वी राज नैन ने एडवोकेट कनिका आहूजा के माध्यम से दायर याचिका में बताया कि 2015 में फरीदकोट के बाजाखाना में बेअदबी मामले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। उस मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को सौंपा गया था।
जून 2019 में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट दायर कर दी थी। राज्य में सरकार बदलते ही मामले की सीबीआई जांच का आदेश वापस ले लिया गया और एसआईटी गठित कर उसे जांच सौंपी गई। गत वर्ष छह जुलाई को इस मामले में डेरामुखी गुरमीत सिंह राम रहीम को नामजद किया गया था। इसके डेढ़ साल बाद डेरामुखी के खिलाफ अक्तूबर में जाकर ट्रायल कोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट जारी किया था।
हाईकोर्ट ने प्रोडक्शन वारंट रद्द करते हुए एसआईटी को सोनारिया जेल में जाकर डेरामुखी से पूछताछ करने का आदेश दिया था। इसके बाद डेरामुखी से एसआईटी ने पूछताछ भी की। इसी दौरान 15 नवंबर को याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया। याचिकाकर्ता डेंगू के कारण पेश नहीं हो सका। इसके बाद उसे दोबारा पेश होने को कहा गया लेकिन वह पेश नहीं हो पाया। अब वह इस केस में गवाह के तौर पर पेश हो सकता है लेकिन अगर उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाए तो उसके लिए सात दिन का नोटिस दिया जाए।