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कर्फ्यू हटाने के फैसले पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, कहा- हालात सामान्य नहीं और सामान्य समझने की प्रशासन भूल भी न करे

Thu, 14 May 2020 09:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को दिया आदेश
  • याचिकाकर्ता का आरोप- गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के विरुद्ध जाकर प्रशासन ने किया काम
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना वायरस के कहर के बीच यूटी प्रशासन द्वारा कर्फ्यू हटाने के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि हालात सामान्य नहीं हैं और उसे सामान्य समझने की प्रशासन भूल भी न करे।

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एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने याचिका में बताया कि चंडीगढ़ रेड जोन में है, इसके बावजूद शहर में सुबह 7 बजे से शाम को 7 बजे तक बिना पास के घूमने की यूटी प्रशासन ने अनुमति दे दी है। इसके साथ ही इस दौरान वाहनों की आवाजाही को भी बिना पास के अनुमति दे दी है जो शहर के हालात को खराब कर सकता है।  


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इसके साथ ही शहर से लगते मोहाली और पंचकूला से आने जाने वाले वाहनों पर भी कोई प्रतिबंध नहीं है और बिना पास के इन्हें आने जाने की अनुमति दी जा रही है। याचिकाकर्ता ने बताया कि जो रियायत दी गई है वह केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन है और शहर में कंटेनमेंट जोन भी इन गाइडलाइन के अनुसार तय नहीं किए गए हैं।

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केंद्र की गाइडलाइन के आधार खोले बाजार

याचिका पर सुनवाई के दौरान जब केंद्र सरकार से इस पर जवाब मांगा गया तो केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस को लागू करना सभी के लिए अनिवार्य है और यदि इसे लागू करने को लेकर कोई सवाल उठता है तो संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश को इसका जवाब देना होगा। 

विचार विमर्श के बाद हटाया गया कर्फ्यू: यूटी
मामले में चंडीगढ़ के सीनियर स्टैंडिंग काउंसल पंकज जैन ने कहा कि कई विषयों पर गौर करने के बाद ही लॉकडाउन और कर्फ्य में ढील दी गई है। शहर की सभी बाजार नहीं खोले गए हैं सिर्फ नजदीकी दुकानें ही खोली गई हैं, जहां जरूरी सामान मिलता है। पंचकूला और मोहाली से आने वाले ट्रैफिक को कैसे रोका जा सकता है, क्योंकि पंजाब और हरियाणा के ऑफिस चंडीगढ़ में हैं और 30 प्रतिशत कर्मियों को ऑफिस आने की इजाजत है। 

जहां तक कंटेनमेंट जोन की बात है तो वह पूरी तरह से केंद्र की गाइडलाइन्स के अनुसार ही तय की गई है। सार्वजनिक पार्क पर पहले भी कोई पाबंदी नहीं थी और अब भी नहीं है। फिर भी अगर कोई सवाल है तो वे प्रशासन से निर्देश ले शुक्रवार सुबह इस पर अपना जवाब दे सकते हैं।
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