हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन एक्ट के तहत दर्ज मामले में बार-बार याचिका दाखिल करना आरोपी को भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने तीसरी याचिका खारिज करते हुए याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इसे खारिज कर दिया। याचिका दाखिल करते हुए मेवात निवासी जाबिद ने बताया कि उस पर 20 फरवरी, 2019 को हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
याची ने बताया कि इस मामले में सह आरोपी को अग्रिम जमानत मिल चुकी है और ऐसे में उसे भी इसका लाभ मिलना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि याची की तीन जुलाई, 2019 को याचिका खारिज कर दी गई थी। इसके बाद दूसरी याचिका 27 मई, 2020 को याची ने वापस ले ली थी।
उसी मांग को लेकर यह तीसरी याचिका है जो कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ ही याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने के लिए याचिकाकर्ता पर 25 हजार का जुर्माना भी लगाया है।